आंध्र प्रदेश सरकार के प्रयासों की बदौलत राज्य में मातृत्व मृत्यु दर में दर्ज की गई 67% गिरावट
केंद्र सरकार और राज्य सरकारें लंबे समय से मातृत्व मृत्यु दर और बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रयासरत हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं भी शुरू की जिसका नतीजा है कि आंध्र प्रदेश राज्य में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में भारी गिरावट आई है। प्रगति केवल मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में ही नहीं हुई है बल्कि बाल मृत्यु दर में भी भारी गिरावट देखने को मिली है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश बाल स्वास्थ्य और मातृ देखभाल में बड़ी सफलता हासिल की है। 2020 में पांच साल के अंदर आयु के बच्चे (यू-5एम) में मृत्यु दर में गिरावट दर्ज हुई है वहीं 2020 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और 67.7 प्रतिशत की गिरावट आई है।
आंध्र प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में प्रति 1 लाख जीवित जन्मों पर 45 की गिरावट आई है। 2001-03 में ये आंकड़ा 195 था। वहीं भारत की बात करें तो 2018 और 2020 के बीच 301 से 97 तक गिरावट देखी गई।
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) के अनुसार पांच साल के अंदर के बच्चों की मृत्युदर आंध्र प्रदेश में 2020 में 27 रही जबकि 2011 में ये दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों में 45 थी। 2020 का आंकड़ा प्रभावशाली गिरावट को दर्शाता है। वहीं पूरे देश की बात की जाए तो ये आंकड़े 2011 में रिपोर्ट किए गए 55 से बढ़कर 2020 में 32 हो गए।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रही सरकार
आंध्र प्रदेश में मातृ और बाल मृत्यु दर में जो भारी गिरावट दर्ज की गई है इसके लिए राज्य में अथक प्रयास किए गए। स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण अधिकारियों ने बताया मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ाने के लिए कई उपाय लागू किए हैं। महिलाओं को संस्थागत प्रसव करवाने पर सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि गर्भवती महिलाएं प्रोफेशनल डॉक्टरों की देखरेख में स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच बच्चे को जन्म दें।
आंध्र प्रदेश सरकार महिलाओं को भत्ता प्रदान कर रही
इसके अलावा परिवार का प्रसव संबंधी अतिरिक्त बोझ कम करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार अस्पालों में प्रसव करवाने वाली महिलाओं को भत्ता प्रदान कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से जननी सुरक्षा योजना योजना के साथ, राज्य सरकार ने 'जगन्नान आसरा योजना' शुरू की जिसमें महिलाओं को नगद रुपया दे रही है ताकि वो प्रसव के बाद अपनी देखभाल सके।
महिला और नवजात को घर पहुंचाने के लिए शुरू किया है ये वाहन
आंध्र प्रदेश में प्रसूता महिलाओं के लिए जगनन्ना तल्ली बिड्डा एक्सप्रेस वाहन सेवा की शुरूआत की है जिसमें प्रसव के बाद देखभाल प्रदान करने और मां और नवजात को उनके निवास तक छोड़ने की व्यवस्था की गई है।












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