आंध्र प्रदेश: भूजल घटने और कम बारिश से किसान बेहद परेशान, रबी को लेकर सताने लगी चिंता
आंध्र प्रदेश में भूजल घटने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं। इसके अलावा बारिश की कमी से भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश और सिंचाई के पानी के अभाव में किसान रबी के लिए भूजल पर निर्भर हैं, लेकिन गिरते भूजल स्तर से अब उन्हें चिंता सताने लगी है।
औसत भूजल स्तर इस साल जुलाई के अंत तक जमीनी स्तर (एमबीजीएल) से 1.07 मीटर नीचे गिरावट देखी गई है। सितंबर के अंत तक और भी कम हो गया। राज्य में सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर के अंत तक औसत भूजल स्तर 1.88 एमबीजीएल कम है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर महीने में बड़े पैमाने पर कम बारिश दर्ज होने से भूजल स्तर और कम हो जाएगा। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे दक्षिण भारत में जलाशयों में जल-स्तर संकट का विषय है।
यह भी पढ़ें- आंध्र प्रदेश: TDP ने जगन मोहन सरकार पर बिजली ट्रांसफार्मर खरीद में घोटाले का लगाया गंभीर आरोप
आंध्र प्रदेश जल संसाधन सूचना प्रबंधन प्रणाली (एपीडब्ल्यूआरआईएमएस) से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 26 में से 23 जिलों में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। पूर्वी गोदावरी जिले में पिछले वर्ष की तुलना में 9.62 एमबीजीएल की आश्चर्यजनक कमी दर्ज की गई।
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2022 के अंत तक पूर्वी गोदावरी में भूजल औसतन 13.2 एमबीजीएल की गहराई पर था। इस साल सितंबर के अंत तक भूजल स्तर 22.82 एमबीजीएल तक पहुंच गया था। पूर्वी गोदावरी के बाद कडप्पा जिले में भूजल की सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
यह भी पढ़ें- आंध्र प्रदेश: YSRC की सामाजिक अधिकार बस यात्रा तीन इलाकों से एक साथ शुरू, लोगों से लिए फीडबैक












Click it and Unblock the Notifications