आंध्र प्रदेश: 50 प्रतिशत मेडिकल सीटें गरीब छात्रों के लिए, विधानसभा में 3 विधेयक पारित
नई दिल्ली, 22 मार्च: आंध्र प्रदेश विधानसभा में 21 मार्च को तीन विधेयक पारित किए गए। जिसमें आंध्र प्रदेश धर्मार्थ और हिंदू धार्मिक संस्थान और बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक 2022, आंध्र प्रदेश भारत निर्मित विदेशी शराब, विदेशी शराब में व्यापार का विनियमन (संशोधन) विधेयक 2022 और आंध्र प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना और विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2022 शामिल है।

बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक पेश करने वाले मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने कहा कि ये प्रशासनिक सुविधा के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) और तिरुमाला मंदिर में विशेष आमंत्रितों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करेगा। सितंबर में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड में 52 सदस्यों को विशेष रूप में नियुक्त करने वाले एक सरकारी आदेश (जीओ) पर रोक लगा दी थी। अदालत नियुक्तियों के खिलाफ कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि ये कदम अवैध, मनमाना है और अन्य चिंताओं के बीच आंध्र प्रदेश चैरिटेबल, हिंदू धार्मिक संस्थान और बंदोबस्ती अधिनियम 1987 के विपरीत है।
वहीं आंध्र प्रदेश भारत निर्मित विदेशी शराब, विदेशी शराब में व्यापार का विनियमन (संशोधन) विधेयक पेश करते हुए डिप्टी सीएम नारायण स्वामी ने राज्य द्वारा चरणों में शराबबंदी के लिए उठाए गए कदमों का विवरण दिया। हालांकि विपक्ष ने इसे झूठा प्रचार बताया।
आंध्र प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना और विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2022 को विचार के लिए ले जाने के बाद शिक्षा मंत्री आदिमुलपु सुरेश ने कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दिया। ऐसे में उनकी सरकार ने गरीब लोगों के लिए मेडिकल कॉलेजों में 50% सीटें और इंजीनियरिंग कॉलेजों में 35% सीटें सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।












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