तेलंगाना सरकार की नीतियों से प्रभावित हुई एयरक्राफ्ट कंपनी बाइंग, लिया ये बड़ा फैसला
ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर द्वारा शुरू की जा रही यह पहली ऐसी सुविधा होगी। बताया जा रहा है कि बोइंग भारत में 737 बोइंग कन्वर्टेड फाइटर को शुरू करने के लिए जीएमआर एयरो टेक्निक्स के साथ साझेदारी कर रहा है।

तेलंगाना में एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को और मजबूत मिलने वाली है। अमेरिकी बहु-राष्ट्रीय निगम बोइंग जल्द ही हैदराबाद में पैसेंजर से मालवाहक कन्वर्जन के लिए एक एयरप्लेन कन्वर्जन लाइन स्थापित करेगा।
सूत्रों ने बताया कि किसी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) द्वारा शुरू की जा रही यह पहली ऐसी सुविधा होगी। बताया जा रहा है कि बोइंग भारत में 737 बोइंग कन्वर्टेड फाइटर को शुरू करने के लिए जीएमआर एयरो टेक्निक्स के साथ साझेदारी कर रहा है। इसके अलावा बोइंग भारत में जटिल एमआरओ क्षमता को सपोर्ट करना भी जारी रखेगा।
सूत्रों ने इस बात का भी खुलासा किया कि कंपनी अगले 18 महीनों में ट्रेनिंग, जानकारी के हस्तांतरण सहित क्षमता विकसित करने के लिए जीएमआर के साथ काम करेगी। हालांकि, पहले हवाई जहाज के कन्वर्टेड होने का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि बोइंग को इस क्षेत्र से इंडिगो, स्पाइसजेट, ब्लू डार्ट, क्विकजेट आदि जैसे ग्राहकों से बड़ा ऑर्डर कब मिलेगा।
आपको बता दें कि एयरलाइन कंपनी बोइंग तेलंगाना सरकार की उन नीतियों से काफी प्रभावित हुई, जिनमें प्रमुख निवेश के लिए बेहतर इकोसिस्टम स्थापित करना और प्रोत्साहित करना शामिल है। राज्य में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के स्थिर और प्रगतिशील नेतृत्व ने बोइंग को हैदराबाद में इस प्रमुख संयंत्र को स्थापित करने के लिए राजी करने में भूमिका निभाई।
हालांकि अभी तक बोइंग द्वारा किए जाने वाले निवेश का खुलासा नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह इस संबंध में अंतिम घोषणा होने पर सारी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।












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