'दुर्घटना के बाद सड़क से तुरंत हटाए जाएं दुर्घटनाग्रस्त वाहन', पुलिस विभाग को लिखी गई चिट्ठी
तीन दिन बाद एक मालवाहक वाहन ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को टक्कर मार दी, जिससे सात लोगों की मौत हो गई। अगर दुर्घटनाग्रस्त वाहन को वहां से हटा दिया जाता तो 25 फरवरी को होने वाले हादसे से बचा जा सकता था।'

ओडिशा सरकार ने राज्य की पुलिस से कहा है कि किसी एक्सीडेंट होने की दशा में, आगे होने वाले हादसों को रोकने के लिए दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़कों से तुरंत हटाया जाए। सरकार का यह निर्देश 25 फरवरी को जाजपुर जिले में NH-16 पर चांदीखोल-नेउलपुर में सात लोगों की मौत की घटना के बाद आया है। इस हादसे में लोगों को लेकर जा रहा एक मिनी ट्रक 22 फरवरी को, एक दुर्घटनाग्रस्त खड़े ट्रक से टकरा गया था।
वाणिज्य और परिवहन विभाग की सचिव उषा पाढ़ी का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुनील कुमार बंसल को लिखे पत्र में कहा गया, '22 फरवरी से तीन दिनों तक दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क से नहीं हटाया गया। ट्रक के हिस्से ने वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा करते हुए नेशनल हाईवे को बाधित भी कर दिया था। तीन दिन बाद, एक मालवाहक वाहन ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को टक्कर मार दी, जिससे सात लोगों की मौत हो गई। अगर दुर्घटनाग्रस्त वाहन को वहां से हटा दिया जाता तो 25 फरवरी को होने वाले हादसे से बचा जा सकता था।'
उषा पाढ़ी ने डीजीपी से अनुरोध किया है कि सभी थानों को मामले को गंभीरता से लेने और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तुरंत सड़कों से हटाने का निर्देश दिया जाए। परिवहन विभाग दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को स्थानांतरित करने के लिए क्रेन किराए पर लेने के लिए पुलिस को धन उपलब्ध कराने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि रात में दुर्घटनाओं से बचने के लिए आमतौर पर सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को दंडित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए।'












Click it and Unblock the Notifications