करवाचौथ में महिलाएं चन्द्रमा को छन्नी से या परछाईं में क्यों देखती हैं?

करवाचौथ के दिन महिलाएं चांद को देखकर अपना व्रत खोलती हैं लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इस दिन महिलाएं चन्द्रमा को छन्नी से या परछाईं में क्यों देखती हैं?

लखनऊ। आज करवाचौथ हैं, आज के दिन पत्नियों ने अपने पति की लंबी उम्र और तरक्की के लिए निर्जला व्रत रखा है। इनका व्रत अब रात में चांद को देखने के बाद ही टूटेगा। लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि आज के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं छन्नी से या परछाईं में ही चांद को क्यों देखती हैं? नहीं तो चलिए आज हम आपको बताते हैं इससे पीछे की कहानी।

दरअसल ज्योतिष के हिसाब से आज चौथ यानी कि चतुर्थी तिथि है और मान्यता के अनुसार इस तिथि को कोई भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं, खास करके चांद से जुड़े काम क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इस दिन चांद को देखने से इंसान पर अपयश या कलंक लगता है।

इसलिए आज के दिन चंद्रमा को सीधे नहीं देखना चाहिए। लेकिन करवाचौथ की पूजा बिना चांद के पूरी नहीं होती है।इसलिए विधान बनाया गया कि करवाचौथ के दिन पहले भगवान गणेश की पूजा की जाए और उसके बाद चंद्रमा को अर्ध्य दिया जाए जिसके लिए महिलाएं छन्नी या आंचल का प्रयोग करें।

यही कारण है कि आज के दिन पहले व्रती महिलाएं छन्नी से चांद को निहारती है और उसके बाद अपने पति का मुंह देखती हैं और उनके हाथों पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+