Vinayaka Chaturthi 2025: विनायक चतुर्थी आज, जानिए पूजा मुहूर्त, विधि, महत्व और खास बातें
Vinayaka Chaturthi 2025:आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन आषाढ़ी विनायक चतुर्थी का व्रत किया जाता है। यह व्रत आज किया जा रहा है। यह दिन इस बार अत्यंत विशेष है। आज रवियोग, हर्ष योग और पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है, इसलिए भगवान श्री गणेश और चंद्र का पूजन करने से सुख-सौभाग्य, धन-संपत्ति, आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। बड़ी खरीदारी करने के लिए भी यह दिन अत्यंत विशेष रहेगा।

कैसा रहेगा दिन
28 जून को चतुर्थी तिथि प्रात: 9 बजकर 54 मिनट पर प्रारंभ होगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र प्रात: 6:33 बजे से प्रारंभ हुआ है जो कि 29 जून को प्रात: 6:34 बजे तक रहेगा। पुष्य नक्षत्र पूरे 24 घंटे और एक मिनट तक रहेगा। इसी दिन सूर्योदय से लेकर सायं 7:15 तक हर्ष योग है और प्रात: 6:37 से अगले दिन प्रात: 6:34 तक रवियोग का संयोग भी । इतने सारे शुभ योगों के साथ यह दिन अत्यंत विशेष है।
क्या करें इस दिन
- कई लोग सालभर की चतुर्थी का व्रत करते हैं। जबकि कई लोग केवल बड़ी चतुर्थियों का व्रत करते हैं। आषाढ़ी विनायक चतुर्थी बड़ी चतुर्थी होती है। इस व्रत में गणेशजी का पूजन किया जाता है और रात्रि में चंद्रोदय होने पर चंद्र का पूजन किया जाता है। इस दिन गणेशजी को प्रसन्न करना चाहिए।
- पुष्य नक्षत्र होने के कारण इस दिन गणेशजी यंत्र या सिद्धि विनायक यंत्र का पूजन और स्थापन घर में करना चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- इस दिन अपने घर में सिंदूर रंग के गणेशजी की मूर्ति स्थापित करना चाहिए। इनका पूजन करके दूर्वा जरूर अर्पित करें।
- इस दिन गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। हर्ष योग में किया गया यह पाठ परिवार में हर्षपूर्ण वातावरण बनाने में सहायता करेगा।
पुष्य नक्षत्र और हर्ष योग दूर करेंगे संकट
- पुष्य नक्षत्र और हर्ष योग में इस चतुर्थी के दिन सवा किलो आटा सेंककर उसमें शक्कर मिलाकर किसी निर्जन स्थान पर चींटियों के लिए डाल दें। इससे आपकी परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होती जाएंगी।
- इस दिन शिवलिंग का अभिषेक पंचामृत से करें और साथ में पूरे शिव परिवार की पूजा करें। भगवान को दूध से बनी मिठाई का नैवेद्य लगाएं। जिस कामना से अभिषेक करेंगे वह पूरी हो जाएगी।
- जन्मकुंडली में यदि चंद्र कमजोर है, नीच राशि में है, पाप ग्रहों राहु-केतु के साथ है तो ऐसे चंद्र की शांति के लिए चांदी के पात्र में दूध भरकर रात्रि में चंद्र को अर्घ्य दें। इस दिन चावल-दूध की खीर बनाकर गरीबों में बांटना चाहिए।












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