Video: क्यों नहीं दिल की बात तुम दिल से बोलते?
बेंगलुरु। क्यों नहीं दिल की बात तुम दिल से बोलते हो? जी हां यह सवाल है जो भगवान हमसे कर रहे हैं। सही भी है, क्योंकि भगवान भी लड्डुओं और अलग-अलग प्रकार की धातुओं के मुकुट तले दब गये हैं। ईश्वर कहते हैं चादर मुझे नहीं चढ़ाओ उस गरीब पर चढ़ाओ, जो सड़क पर ठिठुर रहा है। कैंडल मेरे दर पर नहीं, उसकी चौखट पर जलाओ जिसके घर पर अंधेरा है।
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ऐसी ही कुछ दिल को छू लेने वाली बातों को लेकर अपनी कविता सुना रहे हैं, जोधपुर, राजस्थान के नवकार गोथी। नवकार ने मात्र 3 मिनट 36 सेकेंड की इस कविता में समाज की सच्चाई को सामने उकेर कर रख दिया।
देखें नवकार का वीडियो-
नवकार वनइंडिया के नियमित पाठक हैं, जिन्होंने अपनी रचना हमें भेजी है। अगर आप चाहें तो अपनी रचनाएं हमें लिख कर भेज सकते हैं। हम उन्हें जरूर प्रकाशित करेंगे।












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