Vaishakha Purnima 2024: आज जरूर करें जलकुंभ का दान, यम की पीड़ा से मिलेगी मुक्ति
Vaishakha Purnima 2024:वैशाख पूर्णिमा 23 मई 2024 गुरुवार को आ रही है। इस दिन वैशाख स्नान पूर्ण हो जाएगा। यह दिन अत्यंत विशेष होता है क्योंकि इस दिन यमराज की पीड़ा से मुक्ति और अकाल मृत्यु के भय को टालने के लिए यम को प्रसन्न करने के उपाय किए जाते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर जल से भरा हुआ कुंभ यानी मटका दान करने का महत्व होता है।
ऐसा करने से दान करने वाले व्यक्ति के परिवार में कोई अकाल मृत्यु नहीं होती और सभी सदस्य अपनी पूर्ण आयु का भोग करते हैं। वैशाख पूर्णिमा के दिन सर्वार्थसिद्धि योग प्रात: 9:15 से अगले दिन प्रात: 5:46 तक रहेगा। इस शुभ संयोग में जलकुंभ का दान अवश्य करना चाहिए।

क्यों किया जाता है जलकुंभ का दान
स्कंद पुराण और भविष्य पुराण में संपूर्ण वैशाख मास को दान-धर्म के लिए अत्यंत श्रेष्ठ बताया गया है। इस पूरे महीने में कुछ न कुछ वस्तुओं का दान करते रहना चाहिए। यदि पूरे महीने आप दान नहीं कर पाए हैं तो वैशाख पूर्णिमा के दिन अवश्य दान-पुण्य करना चाहिए।
जल से भरे हुए मटके का दान करना चाहिए
भविष्य पुराण का कथन है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन धर्मराज की प्रीति के लिए जल से भरे हुए मटके का दान करना चाहिए। यह जलकुंभ किसी शिव मंदिर में रखा जाए तो अत्यंत श्रेष्ठ होता है। इस दिन प्याऊ लगवाना, मंदिरों में जल का प्रबंध करना, पशु-पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करने से गौदान के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वैशाख पूर्णिमा के दिन किया हुआ जलकुंभ का दान यमराज को अत्यंत प्रिय है और वे दानी मनुष्य की अकाल मृत्यु की पीड़ा हर लेते हैं और उसे संपूर्ण आयु का भोग करने का आशीर्वाद देते हैं।
वैशाख स्नान पूर्ण
वैशाख पूर्णिमा के दिन वैशाख स्नान समाप्त हो जाएगा। इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करके अन्न दान, फलदान, जल दान करना चाहिए। जिन लोगों ने वैशाख स्नान किया है वे किसी पंडित से संपन्न पूजा करवाएं और उन्हें भोजन करवाकर उचित दान-दक्षिणा प्रदान करें। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन, गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications