• search

Religion: पारस पीपल के लाभ जानकर चौंक जाएंगे आप

By पं. गजेंद्र शर्मा
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। हिंदू संस्कृति में पीपल के वृक्ष को साक्षात भगवान विष्णु का रूप माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है वृक्षों में मैं पीपल हूं। इसी बात से पीपल के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन क्या आपने कभी पारस पीपल के बारे में सुना है। जी हां, पारस पीपल, पीपल के वृक्ष से अलग है। पारस पीपल का महत्व जितना टोटकों में किया जाता है उतना ही आयुर्वेद में भी इसका महत्व है। पारस पीपल से नशे जैसी लत भी छुड़ाई जा सकती है। साथ ही अन्य सामग्रियों के साथ इसका प्रयोग करके धन, वैभव, सुख, ऐश्वर्य हासिल किया जा सकता है। तांत्रिक क्रियाओं में पारस पीपल का काफी उपयोग किया जाता है। आइये जानते हैं यह पारस पीपल होता क्या है...

    क्या होता है पारस पीपल

    क्या होता है पारस पीपल

    सामान्य पीपल से पारस पीपल पूरी तरह अलग होता है। यह आमतौर जंगलों में पाया जाता है, पारस पीपल के पत्ते दूर से देखने पर कुछ-कुछ पीपल की तरह ही होते हैं, लेकिन इसके पत्तों की गोलाई अधिक होती है। इनमें भिंडी के फूलों की तरह पीले रंग के फूल आते हैं। इसके पेड़ की ऊंचाई भी अधिक नहीं होती। पारस पीपल के पत्तों और फूलों का उपयोग कई तरह की दवाइयों में भी किया जाता है।

    क्या है तांत्रिक प्रयोग

    क्या है तांत्रिक प्रयोग

    पारस पीपल के पत्ते, फूल और छाल का उपयोग कई तरह की तंत्र विधाओं में किया जाता है। इनमें सबसे अधिक प्रयोग वशीकरण में किया जाता है। पारस पीपल के पंचगव्य यानी पत्ते, फूल, छाल, रस और जड़, इन पांच चीजों को केसर के साथ घोटकर मस्तक पर तिलक करने से तीव्र वशीकरण होता है। पारस पीपल के 108 पत्तों पर भगवान विष्णु का नाम मंत्र लिखकर जल में प्रवाहित करने पर शीघ्र लक्ष्मी की प्राप्ति होती है

    साहस और शक्ति प्राप्त होती है

    साहस और शक्ति प्राप्त होती है

    यदि आपके ऊपर किसी ने तंत्र-मंत्र कर दिया है, किसी काम में आपका मन नहीं लगता, उच्चाटन हो रहा है। बार-बार बीमार पड़ रहे हैं तो पारस पीपल के 21 पत्तों पर 'ऊं हं हनुमतै नमः 'लिखकर नदी में प्रवाहित करें, आपके सिर से सारी बाधाएं हट जाएंगी। पारस पीपल की जड़ को चंदन के साथ मिश्रित कर बाजुओं पर त्रिपुंड करने से साहस और शक्ति प्राप्त होती है।

    क्या है आयुर्वेदिक प्रयोग

    क्या है आयुर्वेदिक प्रयोग

    पारस पीपल औषधीय गुणों से भरपूर होता है, लेकिन इसका प्रयोग सीधे नहीं करना चाहिए। किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य की देखरेख में या उनसे पूछकर ही इसका प्रयोग करें, वरना यह हानिकारक भी साबित हो सकता है। इसके कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

    पारस पीपल बलवर्धक, वीर्यवर्धक होता है

    पारस पीपल बलवर्धक, वीर्यवर्धक होता है

    पारस पीपल का उपयोग नशे की लत छुड़वाने वाली दवाओं में किया जाता है। यह बलवर्धक, वीर्यवर्धक होता है। जिन पुरुषों के वीर्य में शुक्राणुओं की कमी होती है वे आयुर्वेदाचार्य से पारस पीपल से बनी दवाई ले सकते हैं। कई तरह के मानसिक रोगों में भी पारस पीपल से बनी औषधि का प्रयोग किया जाता है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    The peepal tree is a storehouse of medicinal value and is used to treat many ailments and diseases.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more