Ganga Dussehra 2022: दस दिनी गंगा दशहरा आज से प्रारंभ, पुण्य कमाने का है सुनहरा मौका
नई दिल्ली, 31 मई। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशमी या गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस बार गंगा दशमी 9 जून 2022 को आ रही है। इससे पहले गंगा नदी के तीरे 31 मई से 9 जून तक दस दिवसीय गंगा दशहरा पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व 10 दिनों तक गंगा नदी के तटों पर विशेषकर गंगा सागर में मनाया जाता है। इन दिनों में श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करके मां गंगा का पूजन करके, दान-तप आदि करके पुण्य अर्जित करते हैं।

घर में नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें
भारतवासियों की आस्था की केंद्र मां गंगा ने जिस दिन शिवजी की जटा से निकलकर पहली बार धरती का स्पर्श किया था, वह दिन गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गंगा में सच्ची श्रद्धा से एक डुबकी लगाने से अनेक जन्मों के पाप कट जाते हैं। गंगा दशमी के दिन गंगा में स्नान करने का महत्व है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो पाए तो अपने घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। गंगा मैया का मानसिक स्मरण करें। इसके बाद शुद्ध श्वेत वस्त्र धारण कर मां गंगा की मूर्ति का पूजन करें। इसके साथ ही राजा भगीरथ, हिमालय और शिवजी का पूजन भी किया जाता है। इस दिन गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करने से समस्त प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं।
दस योग से नाम पड़ा दशहरा
पुराणों के अनुसार जिस दिन गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था उस दिन दस शुभ योग बने हुए थे और इनके कारण मनुष्य के दस पापों का नाश होता है इसलिए इस दिन को दशहरा कहा जाता है। गंगा दशहरा के दिन ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, गर करण, आनंद योग, व्यतिपात योग, कन्या का चंद्र, वृषभ का सूर्य इन 10 योगों में मनुष्य गंगा स्नान करके पापों से छूट जाता है।
गंगा तट पर न जा पाएं तो क्या करें
- प्रत्येक व्यक्ति के लिए गंगा तट पर जाकर स्नान करना संभव नहीं हो पाता इसलिए अपने घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
- इसके बाद निम्न मंत्र से गंगा का पूजन करें- ऊं नमो भगवत्यै दशपापहरायै गंगाये कृष्णायै विष्णुरूपिण्यै नन्दिन्यै नमो नम:।।












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