दीवाली पूजन के लिए विशेष मंत्र

यदि आप आर्थिक समस्याओं से निरन्तर जूझ रहें तो, आप धनतेरस से दीपावाली तक लगातार 3 दिन तक संध्या काल में श्री गणेश स्त्रोत का पाठ करें। पाठ करने के पश्चात गाय को हरी सब्जी अवश्य खिलायें।
जिन जातकों पर ऋण है तथा ऋण के कारण धन का संचय नहीं कर पाते जिसके कारण चिन्तित रहते है। तो आप इस उपाय को अवश्य करें। नरक चतुर्दशी के दिन एक लकड़ी के पाटे पर लाल वस्त्र विछाकर उस पर लाल चन्दन, लाल गुलाब तथा थोड़ी रोली रखकर पोटली बनायें और उसका पूजन करें। पूजन के पश्चात उसे धन रखने के स्थान रख दें।
तीन माह बाद जो भी शुक्ल पक्ष का प्रथम मंगलवार आये तो इसी प्रकार एक नयीं पोटली बनाकर पूजन कर उसे पहली वाली पोटली के स्थान पर रख दें और पुरानी पोटली को जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रकार आप प्रत्येक तीन माह बाद पोटली बदलते रहें। इस उपाय को आप एक वर्ष तक करें तो, आपको ऋण से छुटकारा भी मिलेगा साथ ही आप धन संचय करने में भी सफलता प्राप्त करेंगे।
कुछ विशेष मंत्र
1- जो लोग कलम-दवात का पूजन करते हैं, वे मंत्र - ऊँ महाकाले नमः ऊँ लेखन्यै नमः का जाप करें।
2-जो जातक बही-खाता का पूजन करते हैं, वे मंत्र - ऊँ सरस्वत्यै नमः का जाप करें।
3- जो लोग कुबेर पूजन (तिजोरी-बाक्स) करते हैं, वे मंत्र- कृतेन अनेन पूजनेन कुबेरः प्रीयताम न मम् का जाप करें
4- जो जातक तुला, तराजू, कांटा आदि का पूजन करते हैं, वे मंत्र- ऊँ तुलाय नमः का जाप करें।
5- जो लोग दीपक का पूजन करते हैं, वे मंत्र - ऊँ दीपवृक्षाय नमः का जाप करें।












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