Somvati Purnima: संपत्ति की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है सोमवती पूर्णिमा
नई दिल्ली। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा 16 और 17 जून को आ रही है। 16 जून को व्रत की पूर्णिमा रहेगी और 17 जून को स्नान-दान, पुण्य कर्मों की पूर्णिमा रहेगी। जो लोग पूर्णिमा व्रत करते हैं वे 16 जून को करेंगे और जो विशेष उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए पूर्णिमा मानेंगे वे 17 जून को करेंगे। इस बार पूर्णिमा के दिन सोमवार का संयोग आना अत्यंत शुभकारक है। सोमवती पूर्णिमा के दिन कुछ ऐसे खास उपाय किए जाते हैं जिन्हें करने से गरीबी हमेशा के लिए दूर हो जाती है और व्यक्ति को संपत्ति तथा आयु की प्राप्ति होती है।
आइए जानते हैं क्या उपाय किए जाते हैं सोमवती पूर्णिमा के दिन....

सोमवती पूर्णिमा
- सोमवती पूर्णिमा की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होगी और गरीबी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
- वैदिक ज्योतिष के अनुसार पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र देव होते हैं। सोमवार के स्वामी भी चंद्र होते हैं। इसलिए सोमवती पूर्णिमा के विशेष संयोग के दिन चंद्रमा की पूजा करने का बड़ा महत्व है। पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रदेव को खीर का भोग लगाने से सोया भाग्य जाग जाता है। इसके फलस्वरूप धन, संपत्ति, सुख, वैभव, संपन्नता, मानसिक शांति प्राप्त होती है।
- सोमवार शिवजी का दिन भी होता है और चंद्रमा का भी। चंद्र शिवजी के मस्तक पर सुशोभित होते हैं। इसलिए सोमवती पूर्णिमा के दिन गाय के कच्चे दूध से शिवजी का अभिषेक करने से शीघ्र धन-लाभ के योग बनते हैं।
- इस दिन अपने घर में लक्ष्मी यंत्र या श्री यंत्र की स्थापना करें। इससे कभी धन की कमी नहीं होगी। दिनो दिन आपकी आर्थिक संपन्नता बढ़ती जाएगी।

भगवान सत्यनारायण का दिन
- पूर्णिमा का दिन भगवान सत्यनारायण का दिन होता है। इस दिन व्रत रखकर सत्यनारायण पूजा संपन्न करें और सत्यनारायण कथा सुनें तो समस्त मनोकामना पूरी होती है। मन में जिस कामना को लेकर सत्यनारायण पूजा करेंगे, वह शीघ्र पूरी होगी।
- सोमवती पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में एक लोटे में ताजा पानी, कच्चा दूध और बताशा डालकर परिक्रमा करते हुए अर्पित करें। धन लाभ होगा। रूका हुआ पैसा लौट आएगा। कार्य व्यवसाय में वृद्धि होगी।
- जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है, वे सोमवती पूर्णिमा के दिन श्वेत वस्त्र धारण करके शिवाभिषेक करें और शिव परिवार की पूजा करें। इससे विवाह की बाधा दूर होगी।
- 17 जून को ग्रह गोचर में बृहस्पति के साथ चंद्र की उपस्थिति से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती है और तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है।
- इस दिन गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा आदि पवित्र नदियों में स्नान करके पितरों के निमित्त तर्पण करने से पितृ दोष की शांति होती है। इस दिन पितरों के निमित्त गरीबों को दान करना चाहिए।
- जन्मकुंडली के समस्त ग्रह दोष दूर करने के लिए सोमवती पूर्णिमा के दिन बड़, पीपल और नीम की त्रिवेणी के नीचे बैठकर विष्णु सहस्त्रनाम या शिवाष्टक का पाठ करें।













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