Somvati Amavasya 2020: सोमवती अमावस्या आज, संगम तट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, जानिए महत्व
नई दिल्ली। आज सोमवती अमावस्या है, आज के दिन दान-पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान का बड़ा महत्व है। इसी वजह से सोमवार सुबह से ही संगम के तट पर श्रद्धालुगण आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। सोमवार को ये अमावस्या पड़ी है, इस कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। शास्त्रों के मुताबिक आज के दिन हर व्यक्ति को काफी दान-पुण्य करना चाहिए क्योंकि इस दिन किया गया दान हजार गुना अधिक फलदायी होता है।इससे धन, सम्मान, पद, प्रतिष्ठा और समस्त प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। अमावस्या के दिन किया गया दान पितृ दोष और कालसर्प दोष से भी मुक्ति दिलाता है।

क्या है पूजा मुहूर्त
आज की तिथि: अमावस्या - रात 9 बजकर 48 मिनट तक और इसके साथ ही पंचग्रही योग भी है आज, जिसकी वजह से ये अमावस्या काफी फलदायी है।
इसलिए आज सुबह से लेकर रात तक भक्तगण भगवान विष्णु, और शिव की पूजा कर सकते हैं लेकिन पीपल के पेड़ की पूजा दिन में ही होनी चाहिए। आज के दिन महिलाएं संतान और जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए व्रत भी रखती हैं और इसके लिए पीपड़ के पेड़ की पूजा करती हैं।

क्या करें इस दिन
- सोमवती अमावस्या के दिन समस्त ग्रह-नक्षत्रों और देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष उपाय करें, इससे आपका जीवन सुखों से भर जाएगा।
- सोमवती अमावस्या के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें ।
- नदी ना हो तो घर में ही पवित्र नदियों का जल डालकर स्नान करें।
- इसके बाद पीपल के वृक्ष में एक तांबे के कलश से शुद्ध अर्पित करें और सात परिक्रमा करें।

सुख-शांति के लिए करें ये उपाय
- इससे समस्त ग्रह दोष शांत होते हैं। उग्र ग्रहों की पीड़ा दूर होती है। समस्त सुखों की प्राप्ति होगी और धन संपदा में वृद्धि होगी।
- लगातार धन की हानि हो रही है। बिजनेस अच्छा नहीं चल रहा है।
- नौकरी में तरक्की नहीं हो रही है तो सोमवती अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे आटे के सात दीपक बनाकर उनमें सरसों का तेल भरकर जलाएं।
- अमावस्या के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे का पास घी का दीपक लगाएं और 108 परिक्रमा करें। इससे सारे संकट दूर होते हैं।












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