Goddess Lakshmi: तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता...जय लक्ष्मी माता

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    अगर चाहिए माँ लक्ष्मी की कृपा, तो करे यें उपाय|Remedies to get Goddess Lakshmi blessings | Boldsky

    नई दिल्ली। वैसे शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन होता है, उनकी ही पूजा से इंसान को धन प्राप्ति होती है। मां लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी हैं और धन, सम्पदा, शान्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। जिस पर इनकी कृपा होती है, वह दरिद्र, दुर्बल, कृपण, असंतुष्ट एवं पिछड़ेपन से ग्रसित नहीं रहता। स्वच्छता एवं सुव्यवस्था के स्वभाव को भी 'श्री' कहा गया है। यह सद्गुण जहां होंगे, वहां दरिद्रता, कुरुपता टिक नहीं सकेगी। अगर आप काफी समय से आर्थिक तंगी को लेकर परेशान हैं तो आज से ही मां लक्ष्मी का पूजन शुरू कर दीजिये, मां हर कष्ट दूर कर देंगी और आप पर अपनी कृपा बरसाएंगी। यहां हम आपको बताते हैं कुछ उपाय जिससे मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है।

    मां लक्ष्मी के प्रिय हैं गणेश

    मां लक्ष्मी के प्रिय हैं गणेश

    मां लक्ष्मी के प्रिय हैं गणेश जी और गणेश जी को लड्डू काफी प्रिय है इसलिए आप शुक्रवार को मां लक्ष्मी को लड्डू का चढ़ावा चढ़ाइये। पैसा ज्यादा खर्चा हो रहा है तो उसे बचाने के लिए आप मां लक्ष्मी की पूजा कपूर जला कर करें और उसमें रोली डाल दें जो राख मिले उसे अपने रूमाल में बांध लें और पर्स में रख लें, पैसे खर्च नहीं होंगे।

    हाथ में एक सुपारी

    हाथ में एक सुपारी

    • हाथ में एक सुपारी और ताम्बें का सिक्का लेकर मां लक्ष्मी का ध्यान करें और उसके बाद दोनों को पर्स में रख लें, पैसे ही बरसेंगे।
    • किसी भी लक्ष्मी मंदिर में मां को सुगन्धित धूप अगरबत्ती अर्पित कर दें।
    • अपने पर्स में लाल रूमाल रखें, लेकिन पहले इस रूमाल को मां को अर्पित करें।
    • 'अष्टलक्ष्मी'

      'अष्टलक्ष्मी'

      वैसे तो महालक्ष्मी के अनेक रूप है जिस में से उनके आठ स्वरूप जिन को 'अष्टलक्ष्मी' कहते है प्रसिद्ध हैं। लक्ष्मी का अभिषेक दो हाथी करते हैं। वह कमल के आसन पर विराजमान है। कमल कोमलता का प्रतीक है।

      एक मुख, चार हाथ

      एक मुख, चार हाथ

      लक्ष्मी के एक मुख, चार हाथ हैं। वे एक लक्ष्य और चार प्रकृतियों (दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प, श्रमशीलता एवं व्यवस्था शक्ति) के प्रतीक हैं। दो हाथों में कमल-सौन्दर्य और प्रामाणिकता के प्रतीक है। दान मुद्रा से उदारता तथा आशीर्वाद मुद्रा से अभय अनुग्रह का बोध होता है। वाहन-उलूक, निर्भीकता एवं रात्रि में अंधेरे में भी देखने की क्षमता का प्रतीक है।

      लक्ष्मी प्रसन्नता की, उल्लास की, विनोद की देवी

      लक्ष्मी प्रसन्नता की, उल्लास की, विनोद की देवी

      आपको जानकर हैरत होगी कि लक्ष्मी का एक नाम कमल भी है। इसी को संक्षेप में कला कहते हैं। लक्ष्मी प्रसन्नता की, उल्लास की, विनोद की देवी है।ये जहां रहती हैं, खुशहाली वहां बरसती है। जहां गंदगी का वास होता है, वहां से ये चली जाती हैं, इसलिए लक्ष्मी की कृपा चाहिए तो घर को हमेशा साफ-सुथरा रखिए।

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