Shukra Pradosh Vrat 2023: आज जरूर करें 'शिव प्रदोष स्तोत्र' का पाठ, खत्म हो जाएगी गरीबी
Shiva Pradosh Stotram ka Path: सावन मास का पहला प्रदोष व्रत आज है, शुक्रवार होने की वजह से ये शुक्र प्रदोष उपवास हो गया है। आज के दिन अगर सच्चे मन से 'शिव प्रदोष स्तोत्र' का पाठ किया जाए तो इंसान के सारे कष्टों का अंत तुरंत हो जाता है और इंसान हर तरह के सुख भोगता है, उसकी गरीबी और कष्ट मिट जाते हैं।

ये स्त्रोत इंसान को यश, सम्मान और प्रेम का भागीदार बनाता है, इसका पाठ प्रदोष व्रत में प्रमुखता से करना चाहिए। माना जाता है कि अगर शिवलिंग के सामने इस स्तोत्र का पाठ 1008 बार करें तो इंसान की हर ख्वाहिश शीघ्र पूरी होती है और दुख तो उसे छू भी नहीं पाते हैं।
शिव प्रदोष स्तोत्र
- जय देव जगन्नाथ जय शंकर शाश्वत ।
- जय सर्वसुराध्यक्ष जय सर्वसुरार्चित ।।
- जय सर्वगुणातीत जय सर्ववरप्रद ।
- जय नित्यनिराधार जय विश्वम्भराव्यय ।।
- जय विश्वैकवन्द्येश जय नागेन्द्रभूषण ।
- जय गौरीपते शम्भो जय चन्द्रार्धशेखर ।।
- जय कोट्यर्कसंकाश जयानन्तगुणाश्रय ।
- जय भद्र विरुपाक्ष जयाचिन्त्य निरंजन ।।
- प्रसीद मे महादेव संसारार्तस्य खिद्यत: ।
- सर्वपापक्षयं कृत्वा रक्ष मां परमेश्वर ।।
- महादारिद्रयमग्नस्य महापापहतस्य च ।
- महाशोकनिविष्टस्य महारोगातुरस्य च ।।
- ऋणभारपरीतस्य दह्यमानस्य कर्मभि: ।
- ग्रहै: प्रपीड्यमानस्य प्रसीद मम शंकर ।
- दरिद्र: प्रार्थयेद् देवं प्रदोषे गिरिजापतिम् ।
- अर्थाढ्यो वाऽथ राजा वा प्रार्थयेद् देवमीश्वरम् ।
- दीर्घमायु: सदारोग्यं कोशवृद्धिर्बलोन्नति: ।
- ममस्तु नित्यमानन्द: प्रसादात्तव शंकर ।।
- शत्रव: संक्षयं यान्तु प्रसीदन्तु मम प्रजा: ।
- नश्यन्तु दस्यवो राष्ट्रे जना: सन्तु निरापद:
- दुर्भिक्षमारिसंतापा: शमं यान्तु महीतले ।
- सर्वसस्यसमृद्धिश्च भूयात् सुखमया दिश: ।।
- एवमाराधयेद् देवं पूजान्ते गिरिजापतिम् ।
- ब्राह्मणान् भोजयेत् पश्चाद् दक्षिणाभिश्च पूजयेत् ।।
- सर्वपापक्षयकरी सर्वरोगनिवारिणी ।
- शिवपूजा मयाख्याता सर्वाभीष्टफलप्रदा ।।












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