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Sawan 2025: सावन में जरूर कीजिए बजरंगबली की पूजा, बदल जाएगी किस्मत

Sawan 2025 Hindi: श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित मास है लेकिन इस महीने में श्रीराम और हनुमानजी की आराधना करने का भी बड़ा महत्व है। इस महीने में मंदिरों और घरों में अखंड रामायण पाठ किया जाता है। सुंदरकांड के पाठ होते हैं और हनुमान चालीसा के अखंड पाठ किए जाते हैं।

शिव का महीना है लेकिन हनुमानजी का इतना महत्व क्यों है श्रावण मास में, आइए जानते हैं...

शिव महापुराण का कथन है कि हनुमानजी भगवान शिव के ही अवतार हैं और यह महीना शिवजी के साथ-साथ हनुमानजी को भी अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस महीने में हनुमानजी का पूजन, आराधना, साधना, सिद्धियां बड़े पैमाने पर की जाती हैं। जो गृहस्थ और तांत्रिक हनुमान भक्त हैं वे श्रावण में विशेष साधनाएं करते हैं।

Sawan 2025

आइए जानते हैं हनुमान जन्म से जुड़ी एक कथा (Sawan 2025)

पृथ्वी पर आतताई रावण के आतंक से प्रजा त्रस्त हो चुकी थी और उसे दंडित करने के लिए अयोध्या में भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में जन्म लिया। शिवजी विष्णु के परम भक्त थे, इसलिए उन्होंने इस श्रीराम की सेवा करने का निश्चय किया और उन्होंने माता अंजनी के गर्भ से राम के सेवक हनुमान के रूप में अवतार लिया। अंजनी के गर्भ से उत्पन्न यह बालक अत्यंत बलशाली, पराक्रमी और वानर देहधारी था।

बाल हनुमान ने उगलते सूर्य को फल समझकर निगल लिया था

हनुमान जब शिशु ही थे तब आग उगलते सूर्य को फल समझकर निगल लिया। इससे संपूर्ण सृष्टि में अंधकार छा गया। इससे हाहाकर मच गया। इसके बाद समस्त देवताओं ने बाल हनुमान से प्रार्थना की तो उन्होंने सूर्य को उगल दिया। उन्हें महाबली शिव का अवतार जानकर सभी देवताओं ने उपहार स्वरूप हनुमानजी को अनेक शक्तियां प्रदान की। शक्तियां पाकर हनुमानजी अत्यंत बलशाली हुए और आगे चलकर लंका विजय में श्रीराम के प्रमुख सहायक बने।

बजरंगबली को लगाएं गुड़ चने का भोग

  • सुंदरकांड पाठ का महत्व : श्रावण मास में जो भक्त नित्य सुंदरकांड का पाठ करता है वह हनुमानजी का अत्यंत प्रिय हो जाता है और हनुमानजी सहज ही उस व्यक्ति को समस्त निधियां और शक्तियां प्रदान कर देते हैं।
  • हनुमान चालीसा पाठ : पूरे श्रावण मास में हर दिन नित्य प्रात: या सायंकाल हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले मनुष्य के सारे रोग, शोक और कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • हनुमानजी को विशेष भोग : श्रावण में हनुमानजी के नित्य दर्शन करके उन्हें गुड़ चने का भोग लगाना चाहिए। इससे हर मनोकामना पूरी होती है और हनुमान जी से कुछ भी पाना आपके लिए दुर्लभ नहीं रह जाता है।
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