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Sawan 2018: कुछ खास है इस बार का प्रदोष व्रत

By Pt. Gajendra Sharma
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    नई दिल्ली। श्रावण माह भगवान शिव की आराधना का माह होता है और इस माह के शुक्ल पक्ष में आने वाला प्रदोष व्रत अपने आप में बहुत खास होता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव का ही व्रत है इसलिए यह व्रत उन लोगों को जरूर करना चाहिए जो जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं। जिनके जीवन में सिवाय संकटों के और कुछ नहीं आया, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है या जो धन के लिए तरस रहे हैं उन्हें श्रावण शुक्ल प्रदोष व्रत करना ही चाहिए।

    प्रदोष व्रत 23 अगस्त को

    प्रदोष व्रत 23 अगस्त को

    प्रदोष व्रत 23 अगस्त गुरुवार को आ रहा है। शास्त्रों में प्रदोष व्रत के बारे में कहा गया है कि इसे करने से व्यक्ति के समस्त पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत काफी चमत्कारी होता हे जिसे पूर्ण श्रद्धा और विधि विधान के साथ करने से दो गायों का दान करने के समान पुण्य मिलता है। प्रदोष व्रत के प्रभाव से सभी शारीरिक रोग मिट जाते हैं। व्यक्ति के जीवन में भौतिक सुखों की कोई कमी नहीं रहती।

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    प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद और रात्रि से पहले का समय होता है

    प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद और रात्रि से पहले का समय होता है

    प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद और रात्रि से पहले का समय होता है। प्रदोष व्रत त्रयोदशी के दिन किया जाता है। इस व्रत को करने के लिए त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त से पहले संध्या के समय स्नान कर सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद विभिन्न पुष्पों, लाल चंदन और पंचामृत से भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करें। इसके बाद प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। व्रत के दिन निराहार रहना है। अन्न ग्रहण नहीं करना है। किसी बड़े संकल्प की पूर्ति के लिए एक वर्ष तक आने वाले समस्त प्रदोष व्रत किए जाते हैं। पूरे वर्ष प्रदोष व्रत करने के बाद इसका उद्यापन किया जाता है।

     प्रदोष के टोटके

    प्रदोष के टोटके

    • भगवान शिव को विभिन्न प्रकार के अभिषेक से प्रसन्न हो जाते हैं। धन-संपत्ति की प्राप्ति के लिए प्रदोष काल में गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करे।
    • आंकड़े के 21 पत्तों पर लाल चंदन से ऊं नमः शिवाय लिखें और इसकी माला बनाकर भगवान शिव को पहनाएं। इससे समस्त प्रकार के रोग समाप्त हो जाते हैं।
    • धन-संपदा और सुख-वैभव की प्राप्ति के लिए केसर मिश्रित दूध से शिवजी का अभिषेक करें।
    • प्रदोष काल में शिवजी को भांग-धतूरा अर्पित करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधा समाप्त हो जाती है। संकट टल जाते हैं।
    • अच्छी नौकरी की चाह रखने वाले लोग शिवजी का सफेद पुष्प से श्रृंगार करें।
    प्रदोष व्रत के लाभ

    प्रदोष व्रत के लाभ

    • भगवान शिव की पूजा समस्त रोगों का नाश कर देती है। प्रदोष व्रत करने से असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं।
    • प्रदोष के दिन शिव-पार्वती का पूजन करने से दांपत्य जीवन सुखी होता है। जीवनसाथी से प्रेम बढ़ता है।
    • जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है उन्हें एक साल के लिए प्रदोष व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
    • आर्थिक समस्याओं को समाप्त करने के लिए प्रदोष व्रत के समान दूसरा कोई उपाय नहीं।
    • व्यापार व्यवसाय में लाभ, नौकरी में प्रमोशन की चाह रखने वालों को कम से कम 11 प्रदोष व्रत करना चाहिए।

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    English summary
    The Pradosh vrat is a popular Hindu vrat that is dedicated to Lord Shiva and Goddess Parvati. Sawann The Pradosh vrat is very important.

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