FIFA World Cup: पैराग्वे के मटियास गैलार्ज़ा ने रचा इतिहास, दागा सबसे तेज गोल, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
FIFA World Cup 2026 Paraguay Matias Galarza: अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप स्टेज मुकाबले में वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया है। पैराग्वे के 24 वर्षीय मिडफील्डर मटियास गैलार्ज़ा (Matias Galarza) ने तुर्किये (Türkiye) के खिलाफ मैच शुरू होने के महज 64 सेकंड (1 मिनट 4 सेकंड) के भीतर एक शानदार गोल दागकर इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे तेज गोल करने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
पैराग्वे के लिए साबित हुआ गैमचेंजर (FIFA World Cup 2026 Paraguay Matias Galarza)
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेल के शुरुआती मिनटों में ही ऐसी आक्रामकता दिखाना किसी भी खिलाड़ी के दमदार फॉर्म को बताता है। यह मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए नॉकआउट स्टेज की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिहाज से बेहद अहम था। ऐसे दबाव वाले मैच में इतनी बड़ी सफलता मिलना पैराग्वे के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ।

मैच के दूसरे ही मिनट में दागा दमदार गोल
मटियास गैलार्ज़ा पैराग्वे के शुरुआती मैच का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस अहम मुकाबले में उन्हें सीधे स्टार्टिंग लाइन-अप (प्लेइंग इलेवन) में जगह दी गई थी। उन्होंने कप्तान और कोच के इस भरोसे को सही साबित करने में जरा भी समय नहीं लिया। मैच शुरू होते ही दूसरे मिनट में पैराग्वे की टीम ने तुर्किये के डिफेंस पर तेज हमला बोला। अमेरिकी फुटबॉल लीग (MLS) की टीम अटलांटा यूनाइटेड के लिए खेलने वाले गैलार्ज़ा को जैसे ही मौका मिला, उन्होंने अपने बाएं पैर से एक बेहद शक्तिशाली और सटीक शॉट लगाया। गेंद सीधे गोलपोस्ट के निचले कोने में समा गई और पैराग्वे को 1-0 की परफेक्ट शुरुआत मिल गई।
मोरक्को के खिलाड़ी का रिकॉर्ड महज कुछ घंटों में टूटा
दिलचस्प बात यह है कि शनिवार को ही इससे पहले खेले गए एक अन्य मुकाबले में यह रिकॉर्ड मोरक्को के इस्माइल सैबारी (Ismael Saibari) ने बनाया था। सैबारी ने स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच के 70वें सेकंड में गोल दागकर इस वर्ल्ड कप का सबसे तेज गोल करने का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन महज कुछ ही घंटों बाद गैलार्ज़ा ने उनसे 6 सेकंड पहले (64वें सेकंड में) गोल करके इस नए रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।
रिकॉर्ड गोल के ठीक 2 मिनट बाद मिला येलो कार्ड
गैलार्ज़ा के लिए मैच के शुरुआती मिनट बेहद उतार-चढ़ाव और ड्रामे से भरे रहे। 64वें सेकंड में ऐतिहासिक गोल करने के ठीक दो मिनट बाद (मैच के चौथे मिनट में) वे एक गलत टैकल कर बैठे। गेंद छीनने के प्रयास में विरोधी खिलाड़ी को गिराने के कारण अंपायर ने उन्हें तुरंत 'येलो कार्ड' (पीला कार्ड) दिखा दिया।
ग्रुप-D के समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम था मैच
ग्रुप-D में शामिल तुर्किये और पैराग्वे दोनों ही टीमें अपने पहले मुकाबले हार चुकी थीं। तुर्किये को ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से और पैराग्वे को अमेरिका ने 4-1 से शिकस्त दी थी। ऐसे में टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए दोनों को ही इस मैच में हर हाल में जीत की जरूरत थी। गैलार्ज़ा के इस शुरुआती गोल ने न केवल पैराग्वे को मनोवैज्ञानिक बढ़त दी, बल्कि ग्रुप-D के समीकरणों को भी बेहद रोमांचक बना दिया है।















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