'पुष्पा' के बाद अब बीवी भी सलाखों के पीछे, जहांगीर खान की पत्नी रेजिना बीबी को पुलिस ने क्यों किया अरेस्ट?
West Bengal: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर और विवादित नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद अब उनकी पत्नी रेजिना बीबी उर्फ सरिना को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इलाके में अशांति फैलाने और कानून-व्यवस्था को खतरे में डालने के आरोप में ये कार्रवाई की है। इस गिरफ्तारी के बाद से इलाके सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है।
जहांगीर खान की पत्नी को पुलिस ने क्यों किया अरेस्ट
दरअसल, कुछ दिनों पहले जब टीएमसी नेता जहांगीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उनकी पत्नी रेजिना बीबी पर फलता इलाके में हिंसक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप लगा था। पुलिस जब जहांगीर से सख्त पूछताछ कर रही थी, तभी उसकी पत्नी सरीना अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गई। उसने थाने के बाहर बड़ी भीड़ इकट्ठा कर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। सरीना का उद्देश्य पुलिस पर दबाव बनाकर अपने पति को छुड़वाना बताया जा रहा है।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब सरीना और उसके साथियों ने केवल नारेबाजी ही नहीं की, बल्कि कथित तौर पर पुलिस की हिरासत से जहांगीर को जबरन छुड़ाने की कोशिश भी की। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप किया गया और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी पैदा हो गई।

पुलिस के अनुसार इस दौरान बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन को बाधित करने और पुलिस थाने का घेराव करने की साजिश रची जा रही थी। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई थी कि पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) को भी मैदान में उतारना पड़ा था।
फरार चल रही थीं रेजिना बीबी
प्रशासन की मुस्तैदी के चलते स्थिति को तो काबू कर लिया गया, लेकिन पुलिस ने इस पूरे बवाल पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया था। इसके बाद से ही आरोपी रेजिना बीबी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रही थीं और लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थीं।
कौन हैं जहांगीर खान और क्या है पूरा विवाद?
टीएमसी नेता जहांगीर खान का दक्षिण 24 परगना के फलता इलाके में अच्छा-खासा राजनीतिक दबदबा रहा है। स्थानीय स्तर पर वे अपनी दबंग छवि और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को दक्षिण भारतीय फिल्म 'पुष्पा' के मुख्य किरदार की तरह पेश किया था, जिससे वे काफी चर्चा में आए थे।
चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर अपनी जनसभाओं में अक्सर फिल्म का मशहूर संवाद 'पुष्पा झुकेगा नहीं साला' बोलते थे। वे खुद को एक ऐसे मजबूत और निडर नेता के तौर पर पेश करते थे, जो किसी के सामने नहीं झुकेगा। जहांगीर ने साल 2026 के विधानसभा चुनाव में फलता सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
हालांकि इस चुनाव के दौरान जहांगीर खान के ऊपर कई गंभीर आरोप लगे थे। विपक्षी दलों और स्थानीय वोटरों ने उन पर चुनावी माहौल बिगाड़ने, लोगों को डराने-धमकाने और ईवीएम मशीन में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने फलता सीट पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था।
दोबारा मतदान के लिए 21 मई की तारीख निश्चित की गई थी, लेकिन मतदान से ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने राजनीतिक गलियारों को चौंकाते हुए अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद 24 मई को घोषित हुए चुनावी नतीजों में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनावी शिकस्त मिलने के बाद से ही वे इलाके से गायब हो गए थे।
नेपाल भागने की कोशिश और रस्सियों में जकड़ा 'पुष्पा'
जहांगीर खान के खिलाफ पहले से ही जबरन वसूली, मारपीट और रंगदारी जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले फलता थाने में दर्ज थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी। लेकिन उच्च न्यायालय से राहत न मिलने के बाद उन्होंने देश छोड़कर नेपाल भागने की योजना बनाई थी।
पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) जहांगीर की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी। इसी बीच गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने 8 जून को नेपाल सीमा के पास से उन्हें धर दबोचा। जहांगीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जब उन्हें फलता थाने लेकर पहुंची, तो वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
रस्सी से बांधकर इलाके में पुलिस ने जहांगीर को घुमाया था
वायरल वीडियो में खुद को 'पुष्पा' बताने वाले नेता जहांगीर को पुलिस रस्सियों से बांधकर ले जाती हुई दिखाई दे रही थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद जहांगीर के समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर उनके नेता को अपमानित कर रही है, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।













Click it and Unblock the Notifications