Sakat Chauth 2024: संकष्टी चतुर्थी आज, जानिए पूजा मुहूर्त और आरती
Sakat Chauth 2024: संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत माघ कृष्णपक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है। गणेश जी तो विध्नहर्ता हैं , उनका नाम लेने से ही इंसान के आधे दुख दूर हो जाते हैं। कृष्णपक्ष चतुर्थी को लोग सकट चौथ, संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ या माघी चौथ भी कहते हैं।

ये व्रत औलाद की खुशी और लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन का निर्जला व्रत रखती हैं और उसके बाद शाम को गणेश जी और चंद्रमा को अर्ध्य देकर अपना उपवास खोलती हैं।
मुहूर्त
आज सुबह 06 बजकर 10 मिनट से चौथ प्रारंभ हो चुका है और 30 जनवरी को सुबह 08 बजकर 55 मिनट पर इसका समापन होगा। इसलिए गणेश जी की पूजा इस दौरान कभी भी की जा सकती है।
गणेश जी की आरती
गणेश जी की पूजा इन आरती से करें लेकिन आरती शुरू करने से पहले 3 बार शंख बजाएं। शंख बजाते समय मुंह ऊपर की ओर रखें, ऐसा करने से इंसान को दोहरे फल की प्राप्ति होती है।
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
- माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
- एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी,
- माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी,
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
- माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
- हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
- लड्डुअन का भोग लगे सन्त करे सेवा,
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
- माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
- अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया,
- बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया,
- 'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा,
- माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
- दीनन की लाज राखो, शम्भु सुतवारी,
- कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी,
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
- माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
- माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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