Rambha Tritiya 2024 Vrat: रंभा तृतीया व्रत आज, जानिए पूजा विधि और महत्व
Rambha Tritiya 2024 Vrat: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन रंभा तृतीया व्रत किया जाता है। रंभा एक अप्सरा है और समुद्र मंथन के दौरान निकले 14 रत्नों में से एक है।
रंभा अत्यंत खूबसूरत अप्सरा है और इसीलिए रंभा तृतीया का व्रत रखने वाले स्त्री पुरुष भी आकर्षक हो जाते हैं। उनमें एक ऐसा आकर्षण पैदा हो जाता है कि जाने उनसे मिलता है उन्हीं का हो जाता है।

इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति पर बढ़ती उम्र के निशान दिखाई नहीं देते और व्यक्ति हमेशा युवाओं की तरह दिखाई देता है। तो यदि आप भी खुद को युवा और आकर्षक बनाए रखना चाहते हैं तो रंभा तृतीया का व्रत करना चाहिए। यह व्रत 9 जून 2024 को किया जाएगा। रंभा की पूजा माता लक्ष्मी की पूजा के समान की जाती है।
कैसे करें रंभा तृतीया पूजन
रंभा तृतीया के दिन व्रती सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। सूर्य को जल चढ़ाएं। शुद्ध स्वच्छ नवीन वस्त्र धारण करें और अपने घर के पूजा स्थान में पूर्वाभिमुख होकर बैठ जाएं। सबसे पहले गणेशजी का ध्यान करें। गाय के घी का दीपक लगाएं। पूजा में गेहूं, लाल फूल और मौसमी फल रखें।
रंभा के मंत्र रं रं रंभा रं रं देवी का जाप करें
रंभा की मूर्ति या फोटो रखें। पूजा में 24 काली चूड़ियां, पायल, आलता, इत्र, सौंदर्य के अन्य सामान से पूजा करें। इसके बाद रंभा के मंत्र रं रं रंभा रं रं देवी का जाप करें। एक माला स्फटिक की माला से जाप करें। स्वयं भी परफ्यूम या इत्र अवश्य लगाएं।
रंभा तृतीया व्रत के लाभ
- रंभा तृतीया का व्रत करने से व्रती के शरीर के सारे रोग दूर हो जाते हैं और वह निरोगी हो जाता है।
- रंभा तृतीया का व्रत करने से व्यक्ति सदैव युवा बना रहता है। उसके शरीर से बुढ़ापे की सारी निशानियां समाप्त हो जाती हैं।
- व्रत करने वाले के चेहरे पर अद्भुत चमक और आकर्षण पैदा हो जाता है, उससे जो भी व्यक्ति मिलता है वह उसका प्रशंसक हो जाता है।
- व्रत करने वाला व्यक्ति सबका प्रिय हो जाता है और अपना मनपसंद जीवनसाथी तलाशने में सफल होता है।
- कुछ तांत्रिक लोग रंभा का पूजन करके कुछ ऐसे सिद्धियां प्राप्त कर लेते हैं जिससे वे आसानी से किसी भी भी सम्मोहित कर लेते हैं।
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