Phalguna Amavasya 2025: फाल्गुन अमावस्या आज, नवग्रह दोष दूर करने का श्रेष्ठ दिन
Phalguna Amavasya 2025: अमावस्या को हर महीने आती है लेकिन फाल्गुन अमावस्या और फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन जहां होलिका दहन किया जाता है, वहीं उससे 15 दिन पूर्व आने वाली फाल्गुन अमावस्या तंत्र-मंत्र की साधना-सिद्धि और कुंडली में मौजूद नवग्रहों के दोष दूर करने के लिए विशेष होती है।
प्रतिवर्ष फाल्गुन अमावस्या पर कामाख्या सहित अनेक सिद्ध शक्तिपीठों पर सैकड़ों तांत्रिक पहुंचते हैं और अपने तंत्र-मंत्र की सिद्धि करते हैं।

यह अमावस्या गृहस्थों के लिए भी विशेष होती है। इस दिन गृहस्थ लोग अपने गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्रों के अलावा अपने इष्ट के मंत्रों का भी जाप करके उसे जागृत कर सकते हैं। इस दिन कुछ विशेष उपाय करके अपनी कुंडली में मौजूद नवग्रहों के दोषों को भी दूर किया जा सकता है।
पुण्यकाल आज (Phalguna Amavasya 2025)
इस बार वैसे तो फाल्गुन अमावस्या का क्षय है किंतु इसका पुण्यकाल 27 फरवरी 2025 गुरुवार यानि की आज है इसलिए अमावस्या से जुड़े सभी कर्म आज ही हैं। इस दिन शिव और सिद्ध योग बन रहा है, जिसकी साक्षी में मंत्रों को सिद्ध किया जा सकता है और नवग्रहों की शांति के उपाय किए जा सकते हैं।
नवग्रह शांति के लिए क्या करें (Phalguna Amavasya 2025)
- फाल्गुन पूर्णिमा पर नवग्रहों की शांति के लिए अपने घर के पूजा स्थान में नवग्रह यंत्र की स्थापना करें। पंचधातु या अष्टधातु में बने नवग्रह यंत्र को गंगाजल से शुद्ध करके पूजन करें। नवग्रहों के मंत्रों का जाप करें।
- इस दिन किसी विद्वान पुरोहित को बुलाकर नवग्रह मंडल का निर्माण करवाएं और नवग्रह शांति हवन करवाएं। इससे आपके घर के समस्त सदस्यों के नवग्रह दोष शांत होंगे।
- नवग्रहों की शांति के लिए नवरत्न की अंगूठी भी इस दिन धारण की जाती है, जिससे शांति प्राप्त होती है।
- नवग्रहों की शांति के साथ कालसर्प दोष की शांति के लिए फाल्गुन अमावस्या के दिन शिवजी का अभिषेक महामृत्युंजय मंत्र से करें।
- इस दिन मंत्रों को सिद्ध करने के लिए उनका इच्छित संख्या में जाप करना चाहिए। इससे वे मंत्र सिद्ध हो जाते हैं। लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से वे शीघ्र फलदायी होते हैं।












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