Navratri Guidelines:: कोरोना से बचें, जानें कैसे करें घर पर मां अंबे की पूजा
नई दिल्ली। इस बार शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर से प्रारंभ होगी, इस बार कोरोना महामारी की वजह से दुर्गाउत्सव पर भव्य आयोजन नहीं हो रहे हैं, गौरतलब है कि नवरात्रि का उत्सव पूरे देश में बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है लेकिन इस बार कोरोना की वजह से ये उत्सव फीका रहेगा लेकिन इसमें परेशान होने की बात नहीं है, भक्तगण पूरी श्रद्धा के साथ अपने घरों में तो मां अंबे की पूजा कर सकते हैं, मालूम हो कि इस बार 17 से 25 अक्टूबर तक नवरात्रि रहेगी और 26 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा, जबकि 14 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी।

अगर आप नवरात्रि के 9 दिनों का उपवास कर रहे हैं तो आप निम्नलिखित ढंग से पूजा करके मां विन्ध्यवासिनी की कृपा पा सकते हैं...
- वैसे तो घट स्थापना में नारियल का खासा महत्व है लेकिन अगर किसी कारणवश नारियल आपको नहीं मिल पा रहा है तो आप जल-पात्र में सुपारी दो लोंग के जोड़ रख दें।
- घट स्थापना करते समय जौं बोएं।
- इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
- वायरस से बचाव के लिए हवन करें।
- वातावरण शुद्ध करने के लिए हल्दी, सेंधा नमक और लोंग से अग्यारी करें।
- आरती करते वक्त कपूर जरूर जलाएं।
- धूप का भी प्रयोग पूजा में प्रमुखता से करें।
- अगर आप उपवास पर हैं तो ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करें।
- कोटू के आटे से परहेज करें क्यों कि यह गर्म होता है,जब वायरस फैल रहा हो तो बिल्कुल न खाएं।
- पंच मेवा के रूप में मखानों का प्रयोग करें
- आंवला का सेवन करें।
- पानी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करें।
- बाहर के मिष्ठान से बचें।
- जो भी खाएं ताजा खाएं।
नवरात्रि के नौ दिन, नौ भोग
- प्रतिपदा- घी- आरोग्य की प्राप्ति के लिए
- द्वितीया- शक्कर या मिश्री- दीर्घायु के लिए
- तृतीया- गाय का दूध- समस्त दुख दूर करने के लिए
- चतुर्थी- मालपुआ- आत्मबल के लिए
- पंचमी- केले- ज्ञान की प्राप्ति के लिए
- षष्ठी- शहद- सौंदर्य वृद्धि के लिए
- सप्तमी- गुड़- बाधा से रक्षा के लिए
- अष्टमी- श्रीफल- पीड़ा को शांत करने के लिए
- नवमी- काले तिल- मोक्ष की प्राप्ति के लिए












Click it and Unblock the Notifications