Nag Panchami 2023: क्यों होती है नाग देवता की पूजा? क्या है इसके पीछे की कहानी?
Nag Panchami 2023: सावन महीने के प्रमुख त्योहारों में से एक है 'नाग पंचमी' का त्योहार, इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। नागों को भगवान शिव के गले का अलंकार कहा जाता है लेकिन सवाल ये उठता है कि नाग विषेले जीव हैं, जिनकी वजह से इंसानों की जान भी जा सकती है, ऐसे में इनकी पूजा पंचमी को क्यों की जाती है, तो इसका उत्तर पौराणिक कथाओं में मिलता है।

दरअसल ऐसा माना जाता है कि नाग भगवान लक्ष्मी के प्रिय हैं। वो धन की देवी की रक्षा करते हैं, उनके रहते कोई भी मां लक्ष्मी तक नहीं पहुंच पाता है। आपने अक्सर कहानियों में सुना होगा कि सांप अक्सर गुप्त धन की चौकीदारी करते हुए पाए जाते हैं।
नाग की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं
वैसे भी शेषनाग को मां लक्ष्मी के पति श्री विष्णु ने अपनी शैय्या बनाया है इसलिए भी नाग माता को काफी प्रिय हैं। माना जाता है कि नाग की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। कहते हैं नाग पंचमी के दिन अगर नाग देवता की पूजा करने के साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी पूजा करनी चाहिए, ऐसा करने से इंसान को श्री हरि और मां लक्ष्मी जी का भी आशीष मिलता है।
नाग देवता जी आरती
- आरती कीजे श्री नाग देवता की ,भूमि का भार वहनकर्ता की।
- उग्र रूप है तुम्हारा देवा भक्त,सभी करते है सेवा।।
- मनोकामना पूरण करते ,तन-मन से जो सेवा करते।
- आरती कीजे श्री नाग देवता की ,भूमि का भार वहनकर्ता की।।
- भक्तो के संकट हारी की आरती कीजे श्री नागदेवता की।
- आरती कीजे श्री नाग देवता की ,भूमि का भार वहनकर्ता की।।
- महादेव के गले की शोभा ग्राम देवता मै है ।
- पूजा श्ररेत वर्ण है तुम्हारी धव्जा।।
- दास ऊकार पर रहती क्रपा सहसत्रफनधारी की।
- आरती कीजे श्री नाग देवता की ,भूमि का भार वहनकर्ता की।।
- आरती कीजे श्री नाग देवता की ,भूमि का भार वहनकर्ता की।
||ॐ हँ जू स: श्री नागदेवतायेनमोनम:||
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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