Nag panchami 2021 : शिवलिंग का करें खास तरह से अभिषेक और पाएं कालसर्प दोष से मुक्ति
नई दिल्ली, 13 अगस्त। 'नागपंचमी' का त्योहार आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। आज के दिन नाग देवता की पूजा होती है। नार्थ इंडिया में तो आज के दिन घरों में उत्सव जैसा माहौल होता है। घरों में पकवान बनते हैं और भोलेनाथ और नाग देवता से घर में सुख-शांति और समृद्दि की प्रार्थना की जाती है। माना जाता है कि आज के दिन खास पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। इसलिए अगर आप कालसर्प का दंश झेल रहे हैं तो आज के दिन अपनी राशि के अनुसार विभिन्न प्रकार से शिवजी का अभिषेक करके कालसर्प दोष से मुक्ति पा सकते हैं।
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- मेष-दूध में शहद मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- वृष-दूध में गंगाजल-शहद मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- मिथुन- दूध में बेलपत्र मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- कर्क- दूध में मिश्री मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- सिंह- दूध में बादाम मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- कन्या- दूध में तुलसी की मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- तुला- दूध में दही मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- वृश्चिक- दूध में छुआरे मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- धनु- दूध में हल्दी मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- मकर-दूध में गुलाब जल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- कुंभ- दूध में कोयला मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- मीन- दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
क्या है कालसर्प दोष?
यदि किसी की कुंडली में राहु और केतु आमने-सामने होते हैं। ऐसी स्थिति में कालसर्प योग बनता है। इसे ही कालसर्प दोष भी कहा जाता है। कालसर्प योग का शब्दिक अर्थ है, काल$सर्प, काल का अर्थ होता है समय और सर्प का शब्दिक अर्थ विष यानी समय की पीड़ा अर्थात जिस प्रकार विष का पान करने पर शरीर में बैचनी और पीड़ा रहती है। उसी प्रकार से कुंडली में कालसर्प योग होने पर जातक परेशानी और पीड़ा से घिरा रहता है।












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