Shailputri Mata Ki Aarti: पढ़ें 'शैलपुत्री माता' की आरती
नई दिल्ली, 05 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र का प्रारंभ 7 अक्टूबर से होने जा रहा है। मां का पहला रूप शैलपुत्री है। इसलिए यहां हम आपके लिए लाए हैं शैलपुत्री माता की आरती, जिसे नवरात्र के दिनों में करने से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-वैभव की प्राप्ति होती है। मां का ये रूप काफी सरस,कोमल,मोहक और सुंदर है, मां बहुत दयालु हैं।

शैलपुत्री माता की आरती
शैलपुत्री मां बैल पर सवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
ये हैं मां के नौ रूप
- प्रथम दिन: शैलपुत्री
- दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी
- तीसरा दिन: चंद्रघंटा
- चौथा दिन: कुष्मांडा
- 5वां दिन: स्कंदमाता
- 6ठवां दिन: कात्यायनी
- 7वां दिन: कालरात्रि
- 8वां दिन: दुर्गा अष्टमी
- 9वां दिन: मां सिद्धिदात्री












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