Meen Malmas 2025: आज से मीन मलमास शुरू, एक महीने बंद रहेंगे ये प्रमुख काम
Meen Malmas 2025: सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही मलमास प्रारंभ हो जाएगा। मलमास में सगाई, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं इसलिए एक मास इन कार्यों पर प्रतिबंध लग जाएगा।
सूर्य 14 मार्च 2025 शुक्रवार को सायं 6 बजकर 49 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेगा और 13 अप्रैल तक इसी राशि में रहेगा। 13 अप्रैल से अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेगा। इसलिए सूर्य मीन राशि से ही उच्चाभिलाषी हो जाएगा।

क्या होता है मलमास (Meen Malmas 2025)
सूर्य जब जब बृहस्पति की राशि में गोचर करता है मलमास लगता है। सूर्य जब धनु राशि में जाता है तो धनुर्मास लगता है और जब मीन राशि में जाता है तो मीन मलमास लगता है। ये दोनों ही राशि बृहस्पति की राशियां हैं। प्रत्येक शुभ कार्य में देव गुरु बृहस्पति का साक्षी होना आवश्यक है।
किंतु जब सूर्य इन दोनों राशियों में जाता है तो ये राशियां सूर्य के तेज और प्रभाव के कारण मलिन हो जाती हैं, इसलिए इसे मलमास कहा जाता है। इसलिए इन दोनों राशियों में सूर्य के गोचर के समय कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
किन कार्यों पर प्रतिबंध (Meen Malmas 2025)
मलमास के दौरान गृह प्रवेश बिलकुल नहीं करना चाहिए। इस समय में किए गए गृह प्रवेश में परिवार के सभी सदस्यों पर कोई न कोई कष्ट बना रहता है। मलमास में विवाह और सगाई भी नहीं किए जाते हैं। बच्चे का मुंडन संस्कार मलमास में करना वर्जित है इससे बच्चे के स्वास्थ्य को हानि होती है और उसकी आयु क्षीण होती है।
विवाह के मुहूर्त
मलमास समाप्त होने के बाद 14 अप्रैल से विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे। 14 अप्रैल से 8 जून तक अनेक मुहूर्त विवाह के रहेंगे। 14 अप्रैल के बाद ही गृह प्रवेश आदि के मुहूर्त भी रहेंगे।
मलमास में क्या करें (Meen Malmas 2025)
मलमास के अधिपति श्रीहरि भगवान विष्णु होते हैं। इसलिए मलमास के दौरान एक मास भगवान विष्णु का नित्य पूजन और दर्शन करना चाहिए। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से सारे संकट दूर हो जाते हैं। भगवान विष्णु को नित्य पीले पुष्प अर्पित करें और चंदन का इत्र अर्पित करें। शारीरिक कष्ट और रोग दूर करने के लिए मलमास में हर दिन महामृत्युंजय मंत्र से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए।












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