Mauni Amavasya 2023 Snan Muhurat: मौनी अमावस्या पर क्यों रहते हैं मौन? क्या है स्नान का महूर्त और महत्व ?
मौनी अमावस्या अपनी इंद्रियों को वश में करने का संदेश देती है। इस दिन इंसान मौन रहकर अपनी वाणी और चित्त को कंट्रोल करता है।
Mauni Amavasya Snan Muhurat: माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है और संयोग से ये अमावस्या आज यानी कि शनिवार को आई है इसलिए इसे शनिश्चरी अमावस्या के नाम से भी संबोधित किया जा रहा है। अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने का विधान है। माना जाता है कि इस दिन नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और वो कर्ज मुक्त होता है यही नहीं अकाल मृत्यु का भय भी उसके अंदर से समाप्त हो जाता है और उसे मोक्ष को प्राप्ति होती है।

मौन रहकर व्रत के नियमों का पालन करें
आज के दिन स्नान करते वक्त मौन रहकर व्रत के नियमों का पालन करना होता है। आज माघ मेले का तीसरा शाही स्नान है इसलिए प्रयागराज में सुबह से भक्तगणों की भीड़ देखी जा रही है। ये भी कहा जाता है कि जो कोई अमावस्या पर गंगा स्नान करता है उसे अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।
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स्नान का महूर्त और मंत्र
- माघ माह तिथि-अमावस्या- 21 जनवरी 2023
- अमावस्या तिथि प्रारंभ- 21 जनवरी 6:17 AM से
- अमावस्या तिथी का अंत-22 जनवरी तड़के 2:22 AM
- स्नान के लिए शुभ मुहूर्त- 08: 34 AM से 09: 53 AM
- अमावस्या स्नान मंत्र - 'गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु'

आज के दिन क्या करें और क्या ना करें
- अगर आज आप पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करें।
- नहाने के दौरान किसी से बात ना करें केवल ईश्वर का ध्यान करें।
- नहाने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य जरूर दें, ऐसा करने से इंसान की दरिद्रता दूर होती है।
- पूरे दिन फलाहार करके शाम को विष्णु जी की पूजा करें, ऐसा करने से इंसान के घर में सुख, शांति और संपन्नता बनी रहती है।
- पूजा के बाद तुलसी माता के सामने घी का दीपक जलाएं ऐसा करने से इंसान के ऊपर आने वाली सारी बाधाओं का अंत हो जाता है।
- जो लोग चंद्रदोष से गुजर रहे हैं वो आज के दिन गौ-माता की पूजा करें और उन्हें दही खिलाएं।
- आज के दिन काले तिल का दान देने से इंसान के सारे दुखों का अंत हो जाता है।
- चूंकि आज शनिवार है इसलिए अगर आज सरसों के तेल का दान करते हैं तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं और इंसान को दोनों हाथों से आशीष देते हैं, उनकी कृपा से सारे अटके काम पूरे हो जाते हैं।
- आज के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें, किसी से झगड़ा ना करें।
- मांसाहारी भोजन का सेवन ना करें।

इस अमावस्या को मौनी अमावस्या क्यों कहते हैं?
माना जाता है कि आज के दिन ही मनु ऋषि का जन्म हुआ था। वैसे मौनी अमावस्या अपनी इंद्रियों को वश में करने का संदेश देती है। इस दिन इंसान मौन रहकर अपनी वाणी और चित्त को कंट्रोल करता है और जो इंसान अपनी इंद्रियों को वश में कर सकता है, उसे कोई पाप और कष्ट छू भी नहीं सकता है। वाणी को कंट्रोल करने से इंसान धैर्यशाली बनता है और जिसके पास ये योग्यता है, वो ही इंसान कष्टों और तनाव से दूर रहता है। इसलिए इस अमावस्या पर मौन व्रत रखा जाता है और इसलिए ये अमावस्या को मौनी अमावस्या कहलाती है।
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