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Naga Sadhu: कौन होते हैं नागा साधु? क्यों कहलाते हैं रहस्यमयी?

नागा साधुओं को देखकर मन में अक्सर ये सवाल उठता है कि आखिर ये कौन हैं और कैसे बनते हैं?
Ankur Sharma
नागा साधु को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है क्योंकि ये हर मौसम में बिना कपड़ों के रहते हैं और शरीर पर भस्म लगाए रहते हैं।
माना जाता है कि अगर नागा साधु किसी को आशीष दे दे तो वो जरूर सच हो जाता है।
नागा साधु का जीवन बड़ा ही कष्टकारी होता है, बड़े ही जप और तप के बाद कोई नागा साधु बनता है।
नागा साधु बनने की प्रक्रिया में 12 साल लग जाते हैं, ये शिव और अग्नि के भक्त कहलाते हैं।
नागा साधु की शिक्षा तीन चरणों से होकर गुजरती है ये तीन चरण हैं-ब्रह्मचार्य,महापुरुष दीक्षा और यज्ञोपवीत।
इस शिक्षा को लेने के बाद नागा साधु खुद का ही पिंडदान करते हैं जिसे कि 'बिजवान' कहा जाता है।
नागा साधु नग्न जरूर रहते हैं लेकिन इन्हें शस्त्र चलाना आता है, ये भिक्षा मांगकर अपना भोजन करते हैं।
नागा साधु नग्न जरूर रहते हैं लेकिन इन्हें शस्त्र चलाना आता है, ये भिक्षा मांगकर अपना भोजन करते हैं।
नागा साधु मोह-माया से दूर अखाड़े में जीवन व्यतीत करते हैं, आदिगुरु शंकराचार्य ने ही साधुओं के अखाड़े में रहने की परंपरा को प्रारंभ किया था।
देश में जूना, महानिर्वाणी, निरंजनी, अटल, अग्नि, आनंद और आवाहन अखाड़ा हैं, जो नागा साधु बनाते हैं।
इनके कठिन जीवन के बारे में लोग ज्यादा जानते नहीं इसलिए ये हमेशा रहस्यमयी कहलाते हैं।
अब कुछ महिलाएं भी नागा साधु बनने लगी हैं लेकिन वे नग्न नहीं रहतीं बल्कि भगवा वस्त्र धारण करती हैं।
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