Maha Shivratri Aarti: महाशिवरात्रि पर करें ये विशेष आरती, हर इच्छा होगी पूरी
Maha Shivratri Aarti: महाशिवरात्रि के दिन इस विशेष आरती को करने से सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।

महाशिवरात्रि की आरती
- ॐ जय गंगाधर जय हर जय गिरिजाधीशा।
- त्वं मां पालय नित्यं कृपया जगदीशा॥ हर...॥
- कैलासे गिरिशिखरे कल्पद्रमविपिने।
- गुंजति मधुकरपुंजे कुंजवने गहने॥
- कोकिलकूजित खेलत हंसावन ललिता।
- रचयति कलाकलापं नृत्यति मुदसहिता ॥ हर...॥
- तस्मिंल्ललितसुदेशे शाला मणिरचिता।
- तन्मध्ये हरनिकटे गौरी मुदसहिता॥
- क्रीडा रचयति भूषारंचित निजमीशम्।
- इंद्रादिक सुर सेवत नामयते शीशम् ॥ हर...॥
- बिबुधबधू बहु नृत्यत नामयते मुदसहिता।
- किन्नर गायन कुरुते सप्त स्वर सहिता॥
- धिनकत थै थै धिनकत मृदंग वादयते।
- क्वण क्वण ललिता वेणुं मधुरं नाटयते ॥हर...॥
- रुण रुण चरणे रचयति नूपुरमुज्ज्वलिता।
- चक्रावर्ते भ्रमयति कुरुते तां धिक तां॥
- तां तां लुप चुप तां तां डमरू वादयते।
- अंगुष्ठांगुलिनादं लासकतां कुरुते ॥ हर...॥
- कपूर्रद्युतिगौरं पंचाननसहितम्।
- त्रिनयनशशिधरमौलिं विषधरकण्ठयुतम्॥
- सुन्दरजटायकलापं पावकयुतभालम्।
- डमरुत्रिशूलपिनाकं करधृतनृकपालम् ॥ हर...॥
- मुण्डै रचयति माला पन्नगमुपवीतम्।
- वामविभागे गिरिजारूपं अतिललितम्॥
- सुन्दरसकलशरीरे कृतभस्माभरणम्।
- इति वृषभध्वजरूपं तापत्रयहरणं ॥ हर...॥
- शंखनिनादं कृत्वा झल्लरि नादयते।
- नीराजयते ब्रह्मा वेदऋचां पठते॥
- अतिमृदुचरणसरोजं हृत्कमले धृत्वा।
- अवलोकयति महेशं ईशं अभिनत्वा॥ हर...॥
- ध्यानं आरति समये हृदये अति कृत्वा।
- रामस्त्रिजटानाथं ईशं अभिनत्वा॥
- संगतिमेवं प्रतिदिन पठनं यः कुरुते।
- शिवसायुज्यं गच्छति भक्त्या यः श्रृणुते ॥ हर...॥
महत्व
- महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों को अंत होता है और इंसान को वो सब कुछ हासिल होता है, जिसकी वो इच्छा रखता है।
- शिव अपने भक्त को शक्ति और बल प्रदान करते हैं और शिवभक्त को कोई भी कष्ट छू भी नहीं पाता है।
- महाशिवरात्रि के दिन इस विशेष आरती को करने से सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।












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