Karwa Chauth 2023 Vrat Ke Niyam: कुंवारी लड़कियां कैसे रखें करवा चौथ का व्रत? क्या है नियम?
Karwa Chauth Vrat Ke Niyam Vidhi: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत मनाया जाता है। वैसे तो ये उपवास सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं लेकिन कहीं-कहीं कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए ये व्रत रखती हैं लेकिन उन्हें सुहागिन महिलाओं की तरह कठिन नियम पालन नहीं करने होते हैं। उनके व्रत के नियम थोड़े अलग होते हैं।

आइए विस्तार से जानते हैं कि कुंवारी लड़कियां कैसे रखें करवा चौथ का व्रत?
- सुहागिन महिलाएं इस व्रत की शुरुआत सरगी से करती हैं।
- सरगी सास की ओर से दी जाती हैं लेकिन कुंवारी कन्याएं सरगी अपनी बड़ी विवाहित बहन या चाची से ले सकती हैं।
- अविवाहित लड़कियों को सुहागिन महिलाओं से सरगी नहीं लेनी चाहिए।
- कुंवारी लड़कियां निर्जला व्रत रखें ये जरूरी नहीं है, वो पानी पीकर भी व्रत कर सकती हैं।
- कुंवारी लड़कियां फलाहार करके भी व्रत कर सकती हैं।
- सुहागिन महिलाएं इस उपवास में शिव-पार्वती, चंद्रमा, गणेश और कार्तिकेय जी की पूजा करती हैं और इसके बाद चंद्रमा को अर्ध्य देती हैं लेकिन अविवाहित लड़कियां केवल भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करें और माता करवा की कथा सुनें।
- सुहागिन महिलाएं चांद को छलनी से देखने के बाद अपने पति का चेहरा देखती हैं और फिर पानी पीती हैं लेकिन कुंवारी लड़कियां चंद्रमा की सीधे पूजा कर सकती हैं और शिव-पार्वती को साक्षी मानकर अपना उपवास तोड़ सकती हैं।
- सुहागिन महिलाओं को ये व्रत सोलह श्रृंगारके साथ करती हैं वहीं दूसरी ओर कुंवारी लड़कियां ये व्रत साफ-सुथरे कपड़े पहनकर करना चाहिए, हां अगर वो चाहें तो हाथों में मेंहदी लगवा सकती हैं।
- सुहागिन महिलाओं की तरह कुंवारी लड़कियां भी पूजा के बाद पारण कर सकती हैं।
डिसक्लेमर-यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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