Kannada Hanuman Jayanti 2022: कन्नड़ा हनुमान जयंती का मुहूर्त, महत्व और पूजा करने की विधि-मंत्र
मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को कन्नड़ा हनुमान जयंती मनाई जा रही है। जिसे हनुमान वत्रम भी कहा जाता है। इस साल 5 दिसंबर को ये जयंती मनाई जा रही है।

Hanuman Jayanti 2022: हनुमान जयंती मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। कन्नड़ा हुनुमान जयंती जिसे हनुमान वत्रम के नाम से भी कनार्टक में जाना जाता है। ये त्योहार कर्नाटक के अलावा, आंध्र प्रदेश तेलंगाम में धूमधाम से मनाया जाता है। हुनमान जयंती के अवसर पर अजंनिपुत्र की घरों, मंदिरों में विधिविधान से पूजा की जाती है। कन्नड़ केलेंडर के अनुसार अहसन मास की त्रयोदसी को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती का जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा करने की विधि-मंत्र।

कन्नड हनुमान जयंती की तारीख और मुहूर्त
5 दिसंबर सोमवार 2022 को कन्नड़ हनुमान जयंती है। द्रिक पंचांग के अनुसार त्रयोदसी तिथि इस दिन सुबह 5.57 से शुरू होगी और 6 दिसंबर को सुबह 6.47 बजे तक रहेगी।
कन्नड हनुमान जयंती की पूजा विधि
- स्वच्छ वस्त्र धारण के सुबह शुभ मुहूर्त में व्रत का संकल्प करें।
- हनुमान जी को आरेंज रंग के अलावा अन्य फूल चढ़ाकर पूजा करें
- आरेंज सिंदूर, रोली, अक्षत चढ़ाए
- भगवान को घर में बना शुद्ध प्रसाद तुलसी की पत्ती के साथ चढ़ाए।
- देशी घी का दीपक, अगरबत्ती, धूप जलाकर हनुमान चालीसा, हनुमानआष्टक का पाठ करें।
- पूजा के समाप हनुमान भगवान की आरती करें और अंत में अपनी भूल चूक के लिए माफी मांगे।
- व्रत करने वाले व्रती को इस दिन मंदिर जाकर भगवान राम का नाम लिखी हुई ध्वजा और पूजन सामग्री हनुमान भगवान को अर्पित करनी चाहिए।
व्रत करने का तरीका
सुबह से व्रत का संकल्प लेने के बाद दिन वेजिटेबल और व्रत की साम्रगी ही खाई जाती है।
इस दिन नॉन वेज और लहसुन प्याज का सेवन सख्त मना होता है।
हनुमान भगवान के मंत्र
- ऊं हं हनुमते नमः:
- ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय
- मर्कटेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन।
हनुमान भगवान के विभिन्न नाम
- अंजन पुत्र
- मारुति पुत्र
- पवन पुत्र
- बजरंगबली
- संकट मोचन












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