Kalki Dhaam Sambhal: कौन हैं कल्कि भगवान? क्यों कहलाते हैं रहस्यमयी? जानिए सबकुछ
Kalki Mandir Sambhal: आज देशवासियों के लिए काफी महत्वपूर्ण दिन है, आज के दिन पीएम मोदी ने संभल में कल्कि धाम मंदिर की नींव रखी है, आपको बता दें कि यूपी के संभल के एंकरा इलाके में भव्य कल्कि मंदिर बनने जा रहा है। इस मंदिर का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट कर रहा है, जिसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं।

आपको बता दें कि कल्कि अवतार भगवान विष्णु का 10वां और अंतिम अवतार माना जाता है लेकिन इसे रहस्यमय भी मानते हैं, आखिर क्या है इसके पीछे की कहानी, जानते हैं यहां पर विस्तार से।
कौन हैं कल्कि भगवान?
कल्कि को भगवान विष्णु का 10वां और अंतिम अवतार हैं। माना जाता है कि जब भगवान कल्कि , देवदत्त नाम के घोड़े पर सवार होकर अपनी तलवार से दुष्टों का संहार करेंगे तब सतयुग का प्रारंभ होगा और कलयुग का अंत होगा। कलयुगी अवतार होने की वजह से इनका नाम 'कल्कि' रखा गया है।
कल्कि धाम में 10 अवतारों की मूर्तियां लगेंगी
लेकिन ये अपने आप में बड़ा संयोग है कि जो अवतार अभी सामने आया है, उसके नाम पर कल्कि धाम बनने जा रहा है। आपको बता दें कि कल्कि धाम में 10 गर्भगृह होंगे जहां भगवान विष्णु के 10 अवतारों को स्थापित किया जाएगा।
5 एकड़ वाले इस मंदिर का निर्माण 5 साल में होगा
इस मंदिर का निर्माण भी उसी गुलाबी पत्थर से हो रहा है, जिससे अयोध्या का राम मंदिर और सोमनाथ मंदिर बना है। इस मंदिर की ऊंचाई 108 फीट होगी। 5 एकड़ वाले इस मंदिर का निर्माण 5 साल में होगा।
देवदत्त घोड़ा होगा कल्कि अवतार के पास
पौराणिक मान्यताओं की मुताबिक कल्कि अवतार को जो घोड़ा मिलेगा, उसका नाम देवदत्त होगा, जो कि उन्हें भगवान शिव की ओर से मिलेगा और उनके पास एक तलवार होगी जो कि परशुराम की ओर से मिलेगी। कल्कि पुराण के अनुसार परशुराम ही कल्कि के गुरु होंगे और उन्हें युद्ध की शिक्षा देंगे।
कलयुग के अंत और सत्ययुग के संधि काल पर होगा
ऐसा कहा जाता है कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु धरती पर अवतरित होते हैं। श्रीमद्भगवद्गीता के मुताबिक कल्कि भगवान का अवतरण कलयुग के अंत और सत्ययुग के संधि काल पर होगा।
भागवत में एक श्लोक का भी वर्णन है जो कि निम्नलिखित है..
- सम्भल ग्राम मुख्यस्य, ब्राह्मणस्य महात्मनः।
- भवने विष्णु यशसः कल्किः प्रादुर्भविष्यति।।
अर्थात- संभल में एक ब्राह्मण के घर में कल्कि पुत्र के रूप में पैदा होंगे। उनका नाम विष्णुयश होगा। अभूतपूर्व प्रतिभा का धनी कल्कि पुत्र दुष्टों का संहार करेगा और कलयुग का खात्मा करेगा जिसके बाद सतयुग का उदय होगा। कल्कि अवतार के बारे में बहुत सारी बातें कल्पनाओं में हैं इसलिए इस अवतार को रहस्यमयी बोला जाता है।
डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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