Saturn (Lord Shani): शनि की अनुकूलता के उपाय
लखनऊ। यदि आप शनि से पीड़ित हो या आपकी शनि की दशा-अंतरदशा चल रही हो या शनि छठें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो या पाप ग्रहों से युत दृष्ट हो या किसी भी प्रकार से कमजोर व पीड़ित होकर अशुभ फल दे रहा तो आजमाएं ये टोटके..।
- शनि की अशुभता के कारण अगर संपत्ति में बाधा आ रही है, महिलाओं को गर्भपात हो रहा है व घर में रोग बना रहता है तो स्त्री अपने भोजन की थाली से सारी चीजें निकालकर कुत्तें को खिलायें।
- यदि शनि के कारण आर्थिक तंगी चली रही है तो सूरमा जमीन में गाड़ दें व बरगद के पेड़ की जड़ में दूध उबालकर उसका तिलक करने से धीमे-धीमे आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।

शनि देव को ऐसे करें खुश...
- यदि चौथे घर में शनि हो तो जातक रात्रि में दूध कतई न पियें व कुएॅ या नदी में कच्चा दूध डाले, भैंस को घास खिलायें व मजदूरों को भोजन खिलायें।
- 5वें भाव शनि हो और दसवाॅ भाव खाली हो तो जातक को संतान सुख नहीं मिलता है। इसके लिए ताॅबा, गुड़, चावल, शहद एक लाल कपड़े में बाॅधकर मकान के पश्चिमू हिस्से में टाॅगे व शहद की शीशी अपने बिस्तर के नीचे रखें।
- छठें भाव में शनि हो और दूसरे घर में कोई ग्रह न हों तो ब्याज, कारखाना, लोहा, आॅयल का बिजनेस करें। व्यवसाय प्रारम्भ करने से पूर्व मिट्टी में सरसों का तेल डालकर एक कपड़ें में बाॅधकर इसे नदीं में प्रवाहित करने से व्यवसाय में तेजी से प्रगति होती है। नया व्यवसाय कृष्ण पक्ष की मध्य रात्रि में ही प्रारम्भ करें।
- शनि अगर दशम भाव में हो तो वह चतुर्थ भाव को तब-तक लाभ पहुॅचाता रहेगा जब-तक जातक का मकान नहीं बन जाता है। मकान बनते ही शनि हानि करना शुरू कर देता है, इसलिए मकान कभी भी अपने नाम नहीं रखना चाहिए।

मछलियों को आटे का चारा खिलाएं...
- लाभ भाव में शनि हो और सप्तम में शुक्र हो तो कोई भी व्यापार प्रारम्भ करने से पूर्व पानी का घड़ा अवश्य दान करें।
- मछलियों को आटे का चारा भोजन दें।
- अपने भोजन में कुछ भाग कौए को डालने से भी शनि का प्रकोप से बचा जा सकता है।
- तेल, काला तिल, लोहा, चमड़ा, पत्थर, मिटटी आदि इन वस्तुओं का दान करने से शनि शुभ फल देने लगता है।
- अगर शनि अनिष्टप्रद हो तो काले शिवलिंग की पूजा करने से लाभ मिलता है।
- शनि की शान्ति हेतु शनिवार को हनुमान जी की मूर्ति पर सिन्दूर और चमेली का तेल चढ़ाने से लाभ होता है।
- सरसों के तेल से भरा बर्तन किसी तालाब या नदी के पानी में दबाने से लाभ होता है।
- बहते हुये पानी में बादाम या नारियल कम से कम 8 शनिवार लगातार प्रवाहित करने से शनि ग्रह का शुभ फल मिलने लगता है।
- भोजन में काला नमक, काली मिर्च व प्रयोग करें एवं आॅखों में काजल व सूरमा लगाने से फायदा होता है।
- शनि पंचम भाव में बैठा है तो मकान बनाते सन्तान पर कष्ट आ सकता है। यह कष्ट जातक के द्वारा अपना मकान बनाये जाने पर लागू होता है, न कि उसके पुत्र आदि द्वारा बनाये अथवा किसी खरीदे गये मकान पर लागू होता है। अगर सन्तान पर कष्ट आ रहा है तो पुश्तैनी मकान के पश्चिम में सूर्य की वस्तुयें जैसे-गुड़, ताॅबा, भूरी भैंस, गुलमोहर, पलाश आदि लाल फूल के पेड़ होने से अनिष्ट दूर हो सकता है।
- जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती व ढैयया चल रही है, जिस कारण शनि के अशुभ प्रभाव से काफी पीड़ित है। ऐसे लोग सात तरह के मिक्स अनाज शनिवार के दिन पशुओं को खिलायें। 8 किलो गाजर शनिवार के दिन गायों को खिलायें, 250 ग्राम काले अंगूर, एक नारियल, तिल का तेल, काले तिल, तथा सवा मीटर काला कपड़ा शनिवार के दिन शनि मन्दिर में दान दें। शनिवार को 2 लाल फल, 5 ईमरती, 250 ग्राम गुड़, एक पान का बीड़ा व सवा मीटर लाल कपड़ा हनुमान जी को अर्पण करें। ये उपाय लगातार 8 शनिवार तक करने से लाभ अवश्य होगा।

चमेली का तेल चढ़ाने से लाभ होता है













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