जानिए कैसे मनाई जाती है चीन-अमेरिका में होली

इस अवसर पर एक ऊची जगह पर लडकियां एकत्रित करके उसे जलाया जाता है और इसके बाद लोग नाचते-गाते पटाखे छोड़ते है। 'फ्रांस' में 13 अप्रैल को होली खेलते हुए लोग 'हुडदंग' मचाते है तथा एक दूसरे पर रंग डालते है। यदि कोई व्यक्ति 'हुडदंग' से बचने की कोशिश करता है, तो उसके मुंह पर भैंस जैसी शकल का चित्र लगाकर बाजार में घुमाया जाता है। फ्रांस में इस त्यौहार को 'मूर्खो का त्यौहार' कहा जाता है। 'बर्मा' में होली को 'तैया' कहते है और यह चार दिन तक मनाया जाता है। इन चार दिनों में हर आयु व हर वर्ग के लोग एक दूसरे पर रंग डालते है।
'चीन' में इस लोकप्रिय पर्व को 'चवेजा दिवस' कहा जाता है, जो एक पखवाड़े तक लोगों में रंग डालकर खुशी देता है। यह त्यौहार बसंत ऋतु के तुरंत बाद शुरू हो जाता है, जिसमें चीनी लोग बढ़ चढ कर भाग लेते है। 'अफ्रीका' में भारतीय पर्व विजय दशमी की तरह यह त्यौहार मनाया जाता है, जिसे 'ओमना वेगा' कहा जाता है। अफ्रीकी लोगों की मान्यता है कि पुराने युग में कहां एक अत्याचारी का शासन था और इस दिन उसे जलाकर मार दिया गया था, तभी से अफ्रीकी लोग उस अत्याचारी शासक का पुतला जलाकर नाचते-गाते हुए खुशियां मनाते है।
'जापान' में हंसी-मजाक का यह पर्व नई उपज के स्वागत के रूप में मनाया जात है। मार्च मास में मनाए जाने वाले इस पर्व में जपानी लोग बढ़-चढ़ कर भागीदारी करके नाचते-गाते और हंसी मजाक से वातावरण को मनमोहक और आकर्षित बना देते है।
'इटली' में इस पर्व को 'बेलिया कोनैनस' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन छोटे-बडे सभी इटलीवासी एक दूसरे पर खुशबू और पानी छोड़ते है और घास के बने हुए आम भैंट करते है। इटली में होली बड़ी शलीनता से मनाई जाती है। अनाज की देवी को खुश करन और खेती की उन्नति के लिए भारतीय लोगों की तरह सांय लकडियां एकत्रित करके उसे जलाकर आस-पास नाचते-गाते हुए पटाखे छोड़ते है।
'अमेरिका' में 'होने' के नाम से मनाए जाने वाले इस पर्व में 'फूहड़पन' भी देखा जा सकता है। इस दिन लोग ऐसी कमीज पहनते है, जिसमें कमीज के बटन आगे-पीछे या पैंट की एक टांग न होना, किसी पांव में जूता तो दूसरे पांव में चप्पल, चेहरे पर ऐसा मेकअप कि पहचानन मुश्किल होता है। कई जगहों पर बैठकों का आयोजन होता है, जहां सबसे ज्यादा बेहुदगी करने वालों को सम्मानित किया जाता है। अमेरिका की कोलोडा युनिवर्सिटी के विद्यार्थी वर्ष में एक बार गिली मिट्टी और कीचड़ से होली खेलते है, जिसे 'मडेफो' कहा जाता है। इस दिन युनिवर्सिटी के लड़के-लड़किया विभिन्न विभिन्न समूहों में वहां की निकटवर्ती नदी के किनारे पहुंच कर मिट्टी के गोले तैयार करते है, जिनमें कई प्रकार के रंग भरे जाते है। यह गोले लड़के लड़कियां एक दूसरे पर फैंक कर नाचते-गाते है। इस प्रकार कई अन्य देशों में अलग-अलग ढंग से होली मनाई जाती है। इसलिए इसे अंतर्राष्ट्रीय पर्व भी कहा सकता है।
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