गणेश उत्सव: इस बार बनाइए चॉकलेट, मलाई, मावा मोदक
नई दिल्ली गणेण उत्सव को देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, इसके लिए तमाम पंडालों को सजाया गया है, जहां भगवान गणेश की पूजा की जाती है, लोग यहां डांस करते हैं जिसके बाद हर तरफ गणेश महोत्सव की धूम होती है। गणेश पूजा के लिए लोग अलग-अलग तरह की तैयारियां करते हैं, लेकिन इन तमाम तैयारियों में मोदक सबसे उपर होता है, लिहाजा लोग इस बार मोदक के नए-नए विकल्प पर भी हाथ आजमा रहे हैं। आपको बता दें कि मोदक एक तरह की मिठाई होती है, जिसे गणेश उत्सव का अभिन्न अंग माना जाता है। मोदक को इसलिए भी इस त्योहार का अभिन्न अंग माना जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि गणेश भगवान को स्वयं यह मिठाई काफी पसंद है।

चना दाल मोदक
तो आईए डालते हैं इस बार अलग-अलग तरह की मोदक की किस्मों पर जो इस बार गणेश उत्सव में लोग आजमा सकते हैं। चना दाल मोदक, इसे चावल और आटे से बनाया जाता है, साथ ही इसमे मक्के के आटे का भी इस्तेमाल किया जाता है और चने की दाल के साथ इसे मिलाकर पकाया जाता है। इसे बनाने के लिए चना दाल को आधे कप गुड़, एक चौथाई कप पानी के साथ मिलाया जाता है। जिसके बाद इसे पकाया जाता है और तबतक मिलाया जाता है जबतक यह गुड़ के साथ पूरी तरह से मिल नहीं जाता है। इसके बाद इस मिश्रण और पिसी हुई चने की दाल और गुड़ के सिरप में मिलाया जाता है और इसमे नारियल डाला जाता है। इसके बाद चावल के माढ़ में डालकर इस मिश्रण के गोले बनाए जाते हैं। इन गोलों को स्टीम करके परोसा जाता है।

चॉकलेट मोदक
चॉकलेट मोदक एक मॉडर्न रेसिपी है, जिसमे बच्चे और बड़े सभी पसंद करते हैं। इसे बनाने के लिए 50 मिलिग्राम दूध, आधा कप गाय के दूध के साथ मिलाया जाता है, गौर करने वाली बात यह है कि इस दूध को जलाकर इसमे से पानी को खत्म कर दिया जाना चाहिए। इसके बाद दोनों दोनों दूध को धीमी आंच पर पैन में पकाया जाता है। जब यह उबलना शुरू कर देता है तो इसमे 275 ग्राम चॉकलेट चिप्स डाला जाता है और इसे पिघलने तक चलाया जाता है। इसके बाद इस घोल को धीमी आंच पर पकाया जाता है, जैसे ही यह घोल गाढ़ा होने लगे इसमे बिस्कुल के पाउडर का चूरा डालना चाहिए और इसे ठंडा कर लेना चाहिए। इसके बाद इसका रोल बनाकर बिस्कुट की तरह से काट लेना चाहिए, या फिर मोदक की तरह इसे आकार देना चाहिए।

मावा मोदक
इसे खोया, पिसी चीनी, सूखे मेवे और अखरोट से बनाया जाता है। खोया को पकाने के बाद इसमे पिसी चीनी डाली जाती है, फिर फिसे मेवे और अखरोट को डाला जाता है। जब चीनी का घोल इसमे मिलना शुरू हो जाए तो इसे हिलाना चाहिए। जिसके बाद घोल को ठंडा कर लेना चाहिए और इसमे अखरोट, काजू, नारियल के टुकड़े डालने चाहिए। इसके बाद इसे मोदक के आकार में बना लेना चाहिए, जिसके बाद इसे परोस सकते हैं।

मलाई मोदक
इसे पनीर, खोया और केसर से बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए पनीर को मसल लें और इसके छोटे-छोटी टुकड़े कर लें, फिर से पैन में डालें और खोया डालें, फिर इसे हिलाते रहे। जब यह पूरा मिश्रण मिल जाए तो इसमे थोड़ा बिना पानी वाला दूध डालें। 7-8 मिनट पकाने के बाद इसे गाढ़ा कर लें और फिर इस ठंडा करने के बाद घी लगाकर मोदक बनाएं और परोसे
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