Hariyali Amavasya 2024: नाग योग में आई हरियाली अमावस्या, पितृदोष दूर करने के लिए करें ये उपाय
Hariyali Amavasya 2024: जिस मनुष्य की जन्मकुंडली में पितृ दोष, कालसर्प दोष, नाग दोष्, सर्प दोष, ग्रहण दोष आदि होते हैं उनका जीवन अस्तव्यस्त सा रहता है।
उन्हें सफलता पाने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है लेकिन फिर सफलता मिल जाए यह सुनिश्चित नहीं होता है। ऐसे मनुष्य भटकते रहते हैं। रोग, आर्थिक संकट, पारिवारिक क्लेश बना ही रहता है।

ऐसे सारे दोष को दूर करने का सबसे सही दिन होता है अमावस्या। इसमें भी श्रावण की अमावस्या का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस अमावस्या का संबंध शिवजी से होता है।
श्रावण की अमावस्या को हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। यह अमावस्या 4 अगस्त 2024 रविवार को आ रही है। इस दिन अमावस्या सायं 4:41 बजे तक रहेगी। नाग योग भी अमावस्या तिथि की समाप्ति तक अर्थात् सायं 4:41 बजे तक रहेगा। इस दिन सिद्धि योग भी है।
किन दोषों को दूर करेगी श्रावणी अमावस्या
जब जन्मकुंडली में राहु-केतु के मध्य अन्य समस्त ग्रह आ जाएं तो कालसर्प दोष बनता है। जिन जातकों की कुंडली में यह दोष होता है वे श्रावणी अमावस्या के दिन महामृत्युंजय मंत्र से शिवजी का अभिषेक करें।
पीपल के पेड़ के नीचे अमावस्या की रात्रि में आटे के 27 दीपक लगाने से भी कालसर्प दोष की निवृत्ति होती है।
जिस जातक की कुंडली में नाग दोष है, उसके वजन के बराबर कोई भी अनाज श्रावणी अमावस्या के दिन दान करने से दोष की निवृत्ति होती है।
नाग दोष निवारण के लिए किसी ऐसे शिवलिंग पर पंचधातु से बना नाग लगवाएं जहां पहले से कोई नाग लगा हुआ नहीं है।
पितृ दोष की निवृत्ति के लिए श्रावणी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों के किनारे पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध करें। ब्राह्मणों को भोजन करवाएं। गाय को हरा चारा खिलाएं।
कुंडली में सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण दोष होने पर श्रावणी अमावस्या के दिन किसी विद्वान ब्राह्मण से रुद्राभिषेक करवाएं।
श्रावणी अमावस्या के दिन अपने जन्म नक्षत्र या जन्म राशि के अनुसार पौधे लगाने से कुंडली के समस्त ग्रहों में संतुलन स्थापित होता है और संकटों का निवारण होता है।
श्रावणी अमावस्या के दिन गरीबों को अन्न का दान देने, गोसेवा करने, पशु पक्षियों को दाना डालने से अक्षय पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।












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