Hanuman Jayanti 2023: देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर, जानें इनसे जुड़ी खास बातें
देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर का जानें इतिहास और जानें उनके बारे में खास तथ्य।

अंजनिपुत्र हनुमान भगवान का जन्मोत्सव 6 अप्रैल को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की पहली पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। भगवान हनुमान को संकट मोचन इसलिए कहा जाता है कि ये हर भक्त के संकट हर लेते हैं।

भगवान हनुमान कलियुग के जीवांत देवता है इसलिए शंकर के ग्यारहवें रुद्र अवतार भगवान हनुमान धरती पर सबसे अधिक पूजे जाते हैं।
ऐसे तो कण-कण में भगवान का वास होता है लेकिन देश भर में राम भक्त हनुमान के ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं जो अति प्राचीन होने के साथ अपने चमत्कारों और खासियत के कारण बहुत प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं हनुमान भगवान के ऐसे ही 11 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में ।

अयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर
राम भक्त हनुमान का प्रसिद्ध मंदिर रामनगरी अयोध्या में हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है। राजद्वार पर ऊंचे टीले पर बना हुआ है। इस मंदिर का इतिहास है कि लंका पर विजय प्राप्त करनेक बाद अयोध्या में हनुमान भगवान इसी गुफा में रहे थे और वो राम जन्मभूमि और रामकोट की रक्षा करते थे। 76 सीढ़ी चढ़ने के बाद मां अंजनी और बाल हनुमान की मूर्ति के दर्शन होते हैं। यहां आने वाले सभी भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।

वाराणसी का संकटमोचन हनुमान मंदिर
भगवान शिव की काशी नगरी वाराणसी में ये पौराणिक मंदिर है। शहर के बीचों बीज छोटे से वन के अंदर बने इस मंदिर में भगवान हनुमान की बहुत ही दिव्य प्रतिमा है। मान्यता है कि ये दिव्य मूर्ति गोस्वामी तुलसीदास के तप और पुण्य से अपने आप यहां हनुमान भगवान की मूर्ति प्रकट हुई थी। देश में स्वयंभू प्रकट हुई हनुमान भगवान की मूर्तियों में से ये एक है। इस मंदिर संकटमोचन, जैसा नाम है उसी तरह इस मंदिर में आने वाले हर भक्त को हर संकट से बचाते हैं।

राजस्थान का सालासर हनुमान मंदिर
राजस्थान के चूरू के सालासर में ये मंदिर है। ये मंदिर बालाजी के नाम से भक्तों के बीच प्रसिद्ध है। यहां मूंछ और दाढ़ी वाले हनुमानजी विराजमान हैं। ये प्रतिमा किसान को खेत में मिली जिसे यहां के लोगों ने सोने के सिंहासन पर स्थापित किया है। हर दिन यहां अपनी मनौती लेकर दूर-दूर से भक्त आते हैं।

प्रयागराज का लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर
ये मंदिर गंगा नदी के तट पर स्थित इलाहाबाद किले से सटा हुआ है। यहां पर भगवान हनुमान शयन मुद्रा में लेटे हुए हैं इसलिए इन्हें लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर भी कहा जाता है। गंगा नदी में कितनी भी बाढ़ आ जाए लेकिन 8 फीट अंदर स्थापित भगवान हनुमान की लेटी हुई 20 फीट मूर्ति कई बार डूबती तक नहीं है। मान्यता है कि इस मूर्ति के बाएं पैर के नीचे कामदा देवी और दाएं पैर के नीचे अहिरावण दबा है। इसीलिए भगवान लेटी हुई मुद्रा में हैं। संगम के तट पर स्थित मंदिर के दर्शन अगर संगम स्नान के बाद नहीं किए तो गंगा स्नान अधूरा माना जाता है।

लखनऊ अलीगंज हनुमान मंदिर
लखनऊ के अलीगंज में स्थित ये हनुमान मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर की स्थापना लखनऊ के तीसरे नवाब शुजा-उद-दौला की पत्नी बेगम जनाब-ए-आलिया ने की थी। मान्यता है कि यहां पर बेटा होने की मनौती पूरी होने पर नवाब की बेगम ने ये मंदिर बनवाया था। तभी से जेय्ष्ठ माह में पड़ने वाले चार मंगल पर यहां बड़ा मंगल मनाने की परंपरा शुरू हुई। इन चार मंगल पर यहां बड़ा मेला लगता है और दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर में हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है।

चित्रकूट का हुनमान धारा
भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में हनुमान धारा अनवरत बह रही है। ये मंदिर पर्वतमाला के बीचो-बीच स्थित है। यहां भगवान हनुमान की मूर्ति के ऊपर दो कुंड है जो हमेशा जलमग्न रहते हैं और इसमें से जल मूर्ति के ऊपर से बहता रहता है जिसे हनुमान धारा कहा जाता है।

राजस्थान में मेंहदीपुर बालाजी हनुमान मंदिर
राजस्थान के दौसा जिले के पास मेंहदीपुर में ये मंदिर स्थापित है। एक हजार साल पुराने इस मंदिर की खास बात है कि यहां पर चट्टान पर अपने आप भगवान हनुमान की आकृति उभर आई थी। इसे भगवान हनुमान का स्वरूप माना जाता है। इस मंदिर में दूर-दूर से लोग भूत- प्रेत बाधा के निवारण के लिए आते हैं। यहां हर दिन भोर से लेकर रात तक भक्तों की दर्शन के लिए लाइन लगी रहती है।

गुजरात का श्री कष्टभंजपन हनुमान मंदिर
भावनगर के पास सारंगपुर से कुछ दूरी पर स्थित ये मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मान्यता है कि जब इस मंदिर में मूर्ति की प्रतिष्ठा की जा रही थी तब यहां की मूर्ति में भगवान हनुमान का आवेश हुआ और वो हिलने लगी। गोपालचंद स्वामी द्वारा की गई मूर्ति प्रतिष्ठा वाला यक मंदिर अकेला स्वामीनारायण संप्रदाय का हनुमान मंदिर है।

पूना का डुल्या मारुति मंदिर
महाराष्ट्र के पुणे शहर के गणेशपेठ में स्थापित इस मंदिर की स्थापना 350 वर्ष पुरानी है। डुल्या मारुति की मूर्ति एक काले पत्थर पर बनी है। इस मूर्ति की स्थापना श्रीसमर्थ रामदास स्वामी ने की थी। यहां हर दिन भक्तों की भारी भीड़ लगती है।

कर्नाटक हंपी का हनुमान मंदिर
कर्नाटक के हंपी शहर में स्थित ये हनुमान मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यहां विराजमान हनुमान भगवान को यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है। ये क्षेत्र रामायण काल की प्राचीन किष्किंधा नगरी है। यहां बहुत सारी गुफाएं हैं। मान्यता है कि वानरों ने अपना साम्राज्य यहीं से स्थापित किया था।












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