Guru Pradosh Vrat 2022: वृद्धि योग में गुरु प्रदोष 14 अप्रैल को, करें विवाह की बाधा दूर करने के महाउपाय
नई दिल्ली, 09 अप्रैल। भगवान शिव का सबसे प्रिय व्रत प्रदोष प्रत्येक माह में दो बार आता है, लेकिन कुछ विशेष दिनों में आने के कारण इसका महत्व बढ़ जाता है। इस बार प्रदोष व्रत चैत्र शुक्ल पक्ष में 14 अप्रैल 2022 को गुरुवार के दिन आ रहा है। जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है उनके लिए यह प्रदोष व्रत विशेष महत्व का है। इस दिन भगवान शिव का पूजन तो किया ही जाता है, लेकिन भगवान नारायण का पूजन करने से विवाह से जुड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। गुरु प्रदोष के दिन कार्यो में उन्नति और उनमें वृद्धि करने वाला पुण्यदायी वृद्धि योग भी है। इस दिन से मलमास भी समाप्त होगा, इसलिए यह दिन विशेष महत्व वाला है।

कैसे करें गुरु प्रदोष व्रत, पूजा
प्रदोष के दिन सूर्योदय पूर्व उठकर दैनिक कार्यो से निवृत्त होकर पूजा स्थान को साफ-स्वच्छ करें। प्रदोष व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थान में एक चौकी पर नया सफेद वस्त्र बिछाकर इस पर शिव परिवार का चित्र या मूर्ति स्थापित करें। एक तांबे या मिट्टी के कलश में चावल भरकर रखें। शिव परिवार का पूजन षोडशोपचार पद्धति से करें। फल और मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं। प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। कर्पूर से आरती करें। पूरे दिन व्रत रखें। निराहार रहें। क्षमतानुसार आवश्यकता हो तो फलाहार ले सकते हैं। इसके बार प्रदोषकाल में पुन: शिव परिवार के साथ भगवान लक्ष्मीनारायण का पूजन करें। प्रदोष काल सूर्यास्त से एक घंटा पूर्व और एक घंटा बाद तक का माना जाता है।
विवाह की बाधा दूर करने के लिए करें महाउपाय
- गुरु प्रदोष व्रत के दिन शिवजी के साथ माता पार्वती का पूजन अवश्य करें। विवाह योग्य कन्याएं मां पार्वती की मांग में सिंदूर भरें और विवाह योग्य युवक शिवजी का अभिषेक कर चावल अर्पित करें।
- गुरु प्रदोष के दिन प्रात:काल स्नान के पानी में हल्दी डालकर स्नान करें और इसके बाद व्रत करें। विवाह की बाधा दूर होगी।
- शीघ्र विवाह के लिए गुरु प्रदोष के दिन केले के पेड़ का पूजन करें। उसकी जड़ में हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें।
- गुरु प्रदोष व्रत के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें और शिवजी का अभिषेक केसर के दूध से करें।
- इस दिन विष्णु सहस्रनाम के 11 पाठ करने से विवाह के साथ आर्थिक बाधाएं भी दूर हो जाती हैं।
- गुरु प्रदोष के दिन भगवान लक्ष्मीनारायण का पूजन करके खीर का नैवेद्य लगाएं आर्थिक संपन्नता प्राप्त होगी।
- इस बार गुरु प्रदोष के दिन वृद्धि योग भी है, इसलिए जो भी कार्य करेंगे उसमें वृद्धि, उन्नति होगी। इसलिए शुभ कार्य प्रारंभ करने का अच्छा दिन है।












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