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कैप्‍टन गोपीनाथ: जिन्‍होंने आसान बनाई उड़ान

Simply Fly
कुछ साल पहले आपने टेलीविजन पर एक विज्ञापन देखा होगा। विज्ञापन में एक बेटा अपने पिता को पत्र के साथ एक एयर टिकट भेजता है। फ्लाइट की टिकट देखकर उसके पिता भावुक हो उठते हैं और जब वो एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं तो उनका स्‍वागत एयर डेक्‍कन करता है। जी हां यह विज्ञापन उस विमानन कंपनी का है, जिसने भारत में पहली बार सस्‍ती उड़ानें शुरू की थी।

ये वो एयरलाइंस है जिसने करोड़ों मध्‍यमवर्गीय भारतीयों के लिए हवाई जहाज में सफर करना आसान कर दिया। ज़रा सोचिए करोड़ों भारतीयों को यह सुविधा किसने दी। जी हां वो हैं कैप्‍टन जीआर गोपीनाथ। गोपीनाथ ने ही एयर डेक्‍कन की स्‍थापना की थी। यह विमानन कंपनी अब किंगफिशर रेड के नाम से जानी जाती है।

हवाई यात्रा अब सपना नहीं

गोपीनाथ ने भारतीय विमानन उद्योग में कदम रखा और इसके ढांचे को बदल कर रख दिया। उन्‍होंने लोगों को यह जता दिया कि हवाई जहाज में यात्रा करना अब सपना नहीं रह गया है। उन्‍होंने मध्‍यम वर्गीय की जेब के मुताबिक राष्‍ट्रीय उड़ानों की कीमतें निर्धारित कीं। खास बात यह है कि प्रतिस्‍पर्धा के दौर में आगे निकलचे की चाह में अन्‍य कंपनियों ने भी एयर डेक्‍कन को फॉलो किया।

2003 में एयर डेक्‍कन को बाजार में उतारने वाले कैप्‍टन गोपीनाथ ने एयर डेक्‍कन को उपनाम 'सिम्‍प्‍ली फ्लाई' दिया। इसके आते ही विमानन उद्योग की कई बड़ी कंपनियां प्रभावित हुईं। वो ऐसे कि लोग जो फर्स्‍ट क्‍लास और सेकेंड एसी में यात्रा करते थे, वो इकॉनमी क्‍लास में यात्रा करने लगे।

एयर डेक्‍कन के तेजी से हुए विकास को देखते हुए विमानन कंपनियां जैसे स्‍पाइस जेट, इंडिगो और गो एयर जैसी कई कंपनियां बाजार में उतरीं और आम लोगों के लिए हवाई यात्रा आसान बनती गई। एयर इंडिया जिसे पहले इंडियन एयरलाइंस के नाम से जाना जाता था और जेट एयरवेज ने भी सस्‍ती उड़ानें शुरू कर दीं।

विमानन उद्योग में क्रांति लाए

कुल मिलाकर देखें तो पूर्व सेना अधिकारी कैप्‍टन गोपीनाथ की सोच ही यह परिवर्तन लायी। कैप्‍टन ने जब विमानन क्षेत्र में कदम रखा उस दौरान भारत सरकार उद्यमियों को बढ़ावा दे रही थी। यही देखते हुए 1996 में उन्‍होंने अपने एक सैन्‍य अधिकारी साथी के साथ कमर्शियल हेलीकॉप्‍टर सर्विस शुरू की। सिर्फ एक हेलीकॉप्‍टर के साथ यह सेवा शुरू की थी और आगे चलकर डेक्‍कन एविएशन में 10 हेलीकॉप्‍टर और दो विमान शामिल हो गए। यही नहीं देश के आठ प्रमुख शहरों का यह विमानन कंपनी सस्‍ती हवाई सेवाओं से जोड़ती है।

सस्‍ती हवाई यात्रा मुहैया कराने वाली एयर डेक्‍कन को बड़ा घाटा होने के कारण उसके शेयरों का बड़ा हिस्‍सा उन्‍हें बेचना पड़ा। वो शेयर विजय माल्‍या वाली किंगफिशर एयरलाइंस ने खरीदे और एयर डेक्‍कन का नाम बदलकर किंगफिशर रेड हो गया। नाम चाहे कुछ भी हो, आखिरकार कैप्‍टन का कॉन्‍सेप्‍ट काम कर गया। आज देश में शायद ही कोई मध्‍यमवर्गीय परिवार होगा जो हवाई यात्रा करने को सपना समझता होगा। यह देन है कैप्‍टन गोपीनाथ की।

गोपीनाथ की इन उपलब्धियों के लिए उन्‍हें कई पुरस्‍कार मिले, जैसे कर्नाटका सरकार द्वारा राज्‍योत्‍सव अवार्ड, केजी फाउंडेशन द्वारा पर्सनालिटी ऑफ डेकेड अवार्ड, इंडियन एक्‍सप्रेस ट्रेड एण्‍ड टूरिज्‍म द्वारा एडीटर्स च्‍वाइस अवार्ड और फेडरेशन ऑफ कर्नाटका चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्‍ड इंडस्‍ट्री द्वारा सर एम विश्‍वेश्‍वरया मेमोरियल अवार्ड।

पुस्‍तक में संजो दिए अपने अनुभव

कैप्‍टन गोपीनाथ ने अपने इस सफल जीवन के दौरान तमाम अनुभव बटोरे और उन्‍हें एक पुस्‍तक के रूप में संजो दिया। जी हां हाल ही में उन्‍होंने अपनी आत्‍मकथा 'सिम्‍प्‍ली फ्लाई' लिखी, जिसका विमोचन इसी सप्‍ताह हुआ। इस किताब में कैप्‍टन गोपीनाथ की जीवन यात्रा का संपूर्ण वर्णन लिखा गया है। यह वो किताब है जो तमाम उद्यमियों व प्रबंधकों को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित करती है। यही नहीं जीवन में हार न मानना भी सिखाती है। इसके अलावा विमानन उद्योग और कॉर्पोरेट नीतियों से जुड़े तमाम मुद्दे इसमें उठाए गए हैं।

तो‍ फिर इंतजार किस बात का है, आप भी इस किताब को पढ़ें और अपने जीवन को एक नई दिशा दें। किताब खरीदने के लिए आपको कहीं नहीं जाना पड़ेगा। बस नीचे दिए गए लिंक पन क्लिक करें और पुस्‍तक खरीदें वो भी 30 प्रतिशत छूट पर-

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