Gangaur 2025: सुहागिनों का प्रिय व्रत गणगौर आज, जानिए पूजा मुहूर्त और विधि
Gangaur 2025: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को गौरी तीज या गणगौर तीज कहा जाता है। गणगौर का पूजन चैत्र शुक्ल की तृतीया तिथि पर किया जाता है। इस बार तृतीया तिथि 31 मार्च को सूर्योदय के बाद प्रात: 9 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होगी और यह 1 अप्रैल को सूर्योदय से पहले प्रात: 5 बजकर 43 मिनट पर ही समाप्त हो जाएगी।
चूंकि तृतीया तिथि किसी भी सूर्योदय को स्पर्श नहीं कर रही है इसलिए इसका क्षय हो गया है। अब चूंकि तृतीया तिथि 31 मार्च सोमवार को प्रात: पूरे दिन और रात रहने वाली है इसलिए आज ही गणगौर का पूजन है।

गणगौर पूजा (Gangaur 2025)
गणगौर के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूप ईसर और गौरा की पूजा की जाती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं आटे और गुड़ के सोलह गुणे बनाकर उनका भोग लगाती हैं। गौर गौर गणपति करते हुए गणगौर माता की पूजा की जाती है।
जल का बुहारा देते हुए गीत गाती हैं महिलाएं (Gangaur 2025)
पांच द्रव्यों से सोलह-सोलह बिंदी लगाकर दो-दो की जोड़ी में महिलाएं आम के पत्तों से जल का बुहारा देते हुए गीत गाती जाती हैं। इसके बाद सास या सास के समान सुहागिन महिला का आशीर्वाद लेकर उन्हें गुणे भेंट किए जाते हैं।
गणगौर के पूजा मुहूर्त (Gangaur 2025)
- अमृत : प्रात: 6:21 से 7:54
- शुभ : प्रात: 9:26 से 10:59
- अभिजित : दोपहर 12:06 से 12:56
- चर : दोपहर 2:03 से 3:36
विशेष ग्रह संयोग (Gangaur 2025)
गणगौर के दिन दोपहर 1:45 तक अश्विन नक्षत्र रहेगा और इसी दिन दोपहर में 1:57 से सूर्य रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस दिन बुध भी उदय हो रहा है। इस योग संयोग में गणगौर का पूजन श्रेष्ठ फलदायी और सुहाग में वृद्धि करने वाला रहेगा।












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