Ganga Aarti: गंगा दशहरा पर जरूर करें ये आरती, बन जाएंगे बिगड़े काम, क्या है नियम?
Ganga Aarti: आज पूरा भारत गंगा दशहरा मना रहा है,गंगा दशहरा हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व पापों के नाश, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। लोग आज गंगा स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं।
अगर आप किसी कारणवश गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं तो परेशान ना हों, आप घर में ही नहाने के पानी में दो बूंदे गंगाजल की मिलाकर नहा सकते हैं और पूजा के दौरान गंगा आरती करके अपने सभी दुख दूर कर सकते हैं।

गंगा दशहरा के दिन श्रद्धा भाव से मां गंगा का स्मरण करने मात्र से जीवन में सकारात्मकता, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। ध्यान रहे कोई भी पूजा तब ही सफल होती है जब वो पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से की जाए।
गंगा दशहरा की आरती
- ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।
- जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
- चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता।
- शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता॥
- पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता।
- कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता॥
- एक ही बार जो तेरी, शरणागति आता।
- यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता॥
- आरती मात तुम्हारी, जो जन नित गाता।
- दास वही सहज में, मुक्ति को पाता॥
- ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता॥
गंगा आरती का नियम क्या है?
गंगा स्नान या नहाने के बाद या फिर मां गंगा की पूजा के समय आप आरती कीजिए, इसके लिए पहले आप
दीप और धूप जलाएं फिर मां का स्मरण करें और फिर आरती करें, आप आरती सुबह और शाम दोनों में कभी भी कर सकते हैं।
क्यों मनाया जाता है गंगा दशहरा?
पौराणिक कथा के अनुसार राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए कठोर तप किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर आईं और उनके जल से सगर पुत्रों का उद्धार हुआ। इसी घटना की स्मृति में गंगा दशहरा मनाया जाता है।
गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व
इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है। दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पितरों की शांति और मोक्ष के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।
FAQ: गंगा आरती क्यों करनी चाहिए?
गंगा आरती करने से मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
क्या गंगा आरती से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है?
हां, मान्यता के अनुसार गंगा आरती और मां गंगा के मंत्रों का जाप करने से घर और मन की नकारात्मकता दूर होती है।
क्या घर में भी गंगा आरती की जा सकती है?
हां, यदि गंगाजल उपलब्ध हो तो घर में दीपक जलाकर और मां गंगा की तस्वीर के सामने आरती की जा सकती है।














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