Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Ganesh Visarjan 2025 Muhurat : गणेश विसर्जन आज, जानिए क्या है बप्पा की विदाई का मुहूर्त?

Ganesh Visarjan 2025 Muhurat Hindi: 27 अगस्त को गणपति बप्पा ने 'गणेश चतुर्थी' के दिन धरती पर आगमन किया था, ये 10 दिन पूरे भारत में उत्सव के रूप में मनाए गए तो वहीं आज उनके विदा होने का दिन आ गया है। आपको बता दें कि 10 दिन चलने वाला गणेशोत्सव 'अनंत चतुर्दशी' के दिन समाप्त होता है। आज का दिन पावन होने के साथ-साथ भक्तों के लिए भावुक होने वाला भी है।

विघ्नहर्ता आज अपने सभी भक्तों को आशीष देकर विदा होते हैं। गणेश विसर्जन के दिन, लोग बप्पा की मूर्तियों को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाते हैं। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' का उद्घोष करते हुए जुलूस निकालते हैं और फिर उनका विसर्जन करते हैं।

Ganesh Visarjan 2025

गणेश विसर्जन का महत्व (Ganesh Visarjan 2025 Significance)

  • Ganesh Visarjan इस बात का प्रतीक है कि जीवन अस्थायी है और अंत में सब कुछ पंचतत्व में विलीन हो जाता है।
  • दस दिन की आराधना के बाद गणेशजी को जल में प्रवाहित करने से घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का संचार होता है।
  • भक्त गणपति बप्पा से आशीर्वाद लेकर उन्हें अगले वर्ष पुनः आमंत्रित करने का वचन देते हैं।
  • Ganesh Visarjan के समय 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो जाता है, जो सामूहिक एकता का संदेश देता है।

Ganesh Visarjan 2025 की पूजा विधि

  • विसर्जन से पहले गणेशजी को मोदक, लड्डू, फल, पुष्प और नारियल का भोग लगाएं।
  • परिवारजन और भक्त मिलकर गणेशजी की आरती करें और क्षमायाचना करें।
  • मूर्ति के साथ नारियल, दूर्वा और फूल भी अर्पित करें
  • फिर बप्पा की मू्र्ति को को जल स्रोत (नदी, तालाब, समुद्र या कृत्रिम टैंक) में पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जित करें।

Ganesh Visarjan 2025 के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

  • प्रातःकाल का मुहूर्त (शुभ) - 07:36 AM से 09:10 AM तक (6 सितंबर)
  • दोपहर का मुहूर्त - 12:19 AM से शाम 05:02 AM तक
  • सायंकाल मुहूर्त - 06:37 PM से 08:02 PM तक
  • 07 सितंबर को प्रातःकालीन मुहूर्त - 04:36 AM से 06:02 AM तक

Ganesh Visarjan 2025 क्यों किया जाता है?

गणेश विसर्जन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि जीवन के गूढ़ दर्शन का प्रतीक है, यह हमें सिखाता है कि जीवन में सब कुछ क्षणभंगुर है, जो जन्मा है उसका अंत निश्चित है। शरीर मिट्टी से बना है और एक दिन इसी में मिल जाएगा लेकिन भक्ति और सद्कर्म अमर रहते हैं।

यह पढ़ें: Shardiya Navratri 2025: कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि? माता रानी के भक्त जान लें सही डेट

Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार की राय जरूर लें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+