Ganesh Chaturthi 2022: पढ़ें भगवान गणेश की आरती
नई दिल्ली, 22 अगस्त। इस साल गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को है, जिसके लिए पूरे देश में जोर-शोर से तैयारी चल रही है। बुद्धि, ज्ञान और विघ्नविनाशक के रूप में पूजे जाने वाले श्री गणेश जी के स्वागत के लिए इस समय उनके भक्तगण पूरी तरह से तैयार हैं।

यहां पढ़े गणेश आरती, जिसके बिना अधूरी है भगवान गणेश की पूजा...
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
- एक दंत दयावंत,
- चार भुजा धारी ।
- माथे सिंदूर सोहे
- मूसे की सवारी ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
- पान चढ़े फल चढ़े,
- और चढ़े मेवा ।
- लड्डुअन का भोग लगे
- संत करें सेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
- अंधन को आंख देत,
- कोढ़िन को काया ।
- बांझन को पुत्र देत
- निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
- 'सूर' श्याम शरण आए,
- सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो,
- शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो
- जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती
- पिता महादेवा ॥
मंत्र
- ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात.
- ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश.
- ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश..
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा.
- 'इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः'
- सुमुखश्च एकदंतश्च कपिलो गजकर्णक:
- लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक:
- धुम्रकेतुर गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजानन:
- द्वादशैतानि नामानि य: पठेचशृणुयादपि ..
- एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्.












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