Ganesh Chaturthi 2019: गणेशजी के बारे में ये बातें आप नहीं जानते होंगे...

नई दिल्ली। प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश अपने मंगलकारी स्वरूप और रिद्धि-सिद्धि प्रदान करने के कारण जन-जन को प्रिय हैं। उनकी ख्याति केवल भारत में ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया, जापान, चीन समेत दुनिया के अनेक देशों में किसी न किसी रूप में कल्याणकारी देवता के रूप में फैली हुई है। लगभग प्रत्येक हिंदू परिवार भगवान श्री गणेश से जुड़ी कथाओं, व्रत, त्योहार आदि से भलीभांति परिचित है, लेकिन फिर भी वेद-पुराणों में उनके बारे में अनेक ऐसी बातें बताई गई हैं जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। कई बातें तो ऐसी हैं जो शायद ही पहले किसी ने उनके बारे में सुनी हो।

आइए श्रीगणेश के बारे में जानते हैं कुछ अनजानी और रोचक बातें...

क्या विष्णु ने ही गणेश के रूप में जन्म लिया

क्या विष्णु ने ही गणेश के रूप में जन्म लिया

सुनने में यह बात बड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन एक पौराणिक कथा में इसका जिक्र है। उसके अनुसार पुत्र की प्राप्ति के लिए एक बार माता पार्वती ने पुण्यक व्रत रखा था। यह व्रत भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए किया जाता है। व्रत से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने मां पार्वती को दर्शन दिए और उनके पुत्र के रूप में जन्मने की घोषणा की। कहीं-कहीं इस कथा में विष्णु की जगह कृष्ण का वर्णन भी मिलता है। इस कहानी पर विश्वास करें तो भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण माता पार्वती के पुत्र हुए।

गणेशजी और तुलसी ने एक-दूसरे को दिया श्राप

यह बात बहुत कम लोगों को पता होगी कि गणेशजी के श्राप से ही तुलसी एक पौधा बन गई। दरअसल इसकी कहानी ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलती है। कहा जाता है एक बार गणेशजी गंगा के किनारे ध्यान कर रहे थे। तभी वहां से एक खूबसूरत कन्या तुलसी देवी गुजरी। तुलसी को गणेशजी का स्वरूप भा गया और मोहित होकर उन्होंने गणेशजी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। तब गणेशजी ने तुलसी को कहा कि वे अपने जीवन में कभी भी विवाह नहीं करेंगे, यह सुनकर तुलसी क्रोधित हो गई और उन्होंने गणेशजी को श्राप दिया कि आपका यह प्रण कभी सफल नहीं होगा और आप एक नहीं, दो-दो स्त्रियों से शीघ्र ही विवाह करेंगे। तुलसी के इस तरह श्राप देने से गणेशजी भी क्रोधित हो गए और उन्होंने तुलसी को उसी क्षण हमेशा के लिए पौधा बनने का श्राप दे दिया। दोनों का एक-दूसरे को दिया गया श्राप फलीभूत हुआ और गणेशजी का विवाह रिद्धि सिद्धि से हुआ और तुलसी पौधे के रूप में आज भी विद्यमान है।

श्रीगणेश विवाहित या ब्रह्चारी

श्रीगणेश विवाहित या ब्रह्चारी

अधिकांश लोगों को पता है कि गणेशजी विवाहित हैं और उनकी दो पत्नियां रिद्धि और सिद्धि हैं। रिद्धि और सिद्धि जुड़वां बहनें हैं और उनसे गणेशजी की दो संतानें लाभ और शुभ हैं। लेकिन दक्षिण भारत के लोग इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। वे गणेशजी को ब्रह्मचारी मानते है और विशेष अवसरों पर उनके ब्रह्मचारी स्वरूप की ही पूजा करते हैं। दक्षिण भारत में माना जाता है कि गणेशजी का विवाह एक श्राप के कारण हुआ था इसलिए वे उन्हें आज भी ब्रह्मचारी ही मानते हैं।

केले का पेड़ और गणेशजी की पत्नी

पश्चिम बंगाल में गणेशजी से जुड़ी एक विचित्र प्रथा प्रचलित है। वहां केले के पेड़ को गणेशजी की पत्नी के रूप में पूजा जाता है। इसके पीछे कहानी यह है कि एक बार माता पार्वती भोजन कर रही थी। उनके पास खूब सारे खाद्य पदार्थ और मिष्ठान्न रखे हुए थे। तभी वहां गणेशजी आए और माता से कहा कि मां आज तो बड़े अच्छे पकवान सजाए हैं। माता पार्वती ने गणेश से हंसी ठिठौली करते हुए कहा कि हां बेटा अभी खा सकती हूं इतने सारे पकवान, लेकिन क्या पता जब तेरा विवाह हो जाएगा तो तेरी पत्नी मुझे इतना सब खाने को देगी या नहीं। इस पर गणेशजी ने भी हंसी-ठिठौली में ही जवाब देते हुए पास ही लगे केले के पेड़ को अपना उत्तरीय ओढ़ाते हुए कहा कि ये ले मां ये तेरी बहू है इससे तू जो मांगेगी वो देगी, किसी भी बात के लिए मना नहीं करेगी। बहरहाल बात तो यह हंसी-मजाक की थी लेकिन पश्चिम बंगाल में विशेष पूजा के समय केले के पेड़ को चुनरी ओढ़ाकर गणेशजी की पत्नी के रूप में आज भी पूजा जाता है।

त्रिपुर को नष्ट करने के लिए शिवजी ने की गणेश पूजा

त्रिपुर को नष्ट करने के लिए शिवजी ने की गणेश पूजा

शिव महापुराण के अनुसार जब भगवान शिव त्रिपुरासुर नामक राक्षण के त्रिपुर को नष्ट करने के लिए युद्ध करने जा रहे थे, तभी आकाशवाणी हुई कि भगवान गणेश की पूजा के बिना आप त्रिपुरासुर को परास्त नहीं कर पाएंगे। आकाशवाणी सुनकर भगवान शिव ने पहले गणेश पूजा की और फिर युद्ध के लिए प्रस्थान किया। फलस्वरूप उन्होंने त्रिपुरासुर का साम्राज्य नष्ट कर दिया।

मूलाधार चक्र का गणेश से संबंध

योगिक ग्रंथों के अनुसार मानव शरीर में मौजूद सात चक्रों में से सबसे पहले चक्र मूलाधार को गणेश चक्र भी कहा जाता है। क्योंकि चक्रों का प्रारंभ यहीं से होता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+