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ईको-फ्रेंडली पटाखों से मनायें प्रदूषण मुक्‍त दीवाली

Crackers
इस दिवाली पटाखे भी जलाएं और धुआं व प्रदूषण भी न होगा। जी हां, बाजार में इस बार ऐसे पटाखे भी मिल रहे हैं। वातावरण प्रदूषण की समस्या को कम करने की सोच के चलते इस बार बाजार में इको फ्रेंडली पटाखे उतारे गए हैं। दिवाली के इस सीजन में इको फ्रेंडली पटाखों को बूम आया हुआ है। ऐसा नहीं है कि दूसरे पटाखे बिक नहीं रहे हैं। वे भी बिक रहे हैं मगर लोगों की पहली पसंद इको फें्रडली पटाखे ही बने हुए हैं।

इको फ्रेंडली पटाखा विक्रेता रघुवीर सिंह ने बताया कि उनके पास इको फ्रेंडली पटाखे उपलब्ध हैं। उनमें मैजिक पाइप, खुशी, सुपर सिक्स, कनपटी सेलिब्रेटी, मैजिक अनार, मैजिक कृष्णजाल, शुभ वर्षा, फ्लॉवर पोस्ट, रंग बरसात, फ्लॉवर पॉट, ग्राउंड चक्र, सुप्रीम कलर, गुडिय़ा पेपर हवाई के अलावा कुछ अन्य वैरायटी के पटाखे शामिल हैं।

इको फ्रेंडली पटाखों की खूबियां ये हैं कि इनको हाथ में पकड़ कर चलाया जा सकता है, धुंआ नहीं निकलता बल्कि रंग बिरंगे कागजों की पतंगियां या थरमोकोल की रंग बिरंगी गोलियां फव्वारे के रूप में निकलती हैं। इको फ्रेंडली खरीदने आए रामचंद्र ने कहा कि उनके बच्चे छोटे हैं, इसलिए उन्हें इको फ्रेंडली पटाखे ही खरीद कर दे रहे हैं। इन पटाखों से अन्य पटाखों की तुलना में सस्ते भी होते हैं और सुरक्षा की दृष्टि से भी ठीक रहते हैं और मनोरंजन भी होता है।

राम कॉलोनी से पटाखे खरीदने आई अध्यापिका रेणु ने बताया कि इको फ्रेंडली पटाखे ही चलाने चाहिए। इससे एक पंथ दो काज होंगे, पटाखों की खरीदारी पर अधिक व्यय नहीं होगा और पर्यावरण भी दूषित नहीं होगा। इको फ्रेंडली पटाखे 5 रुपये से लेकर 300 रुपए तक की कीमत में उपलब्ध हैं।

क्या है इको फ्रेंडली पटाखे

समय के साथ पटाखों की कई तरह की वैरायटियां बाजार में आई और लगातार बढ़ती जा रही है। इन पटाखों में अधिकांश पटाखे अधिक धुंआ निकालते हैं, वहीं उनके धमाके आवाज भी बहुत तेज होती है। जो सरकारी मानक डेसिबल की तुलना में कई ज्यादा होती है। लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए पटाखा निर्माता कंपनियों द्वारा बाजार में इको फ्रेंडली पटाखे उतारे गए हैं, जिनसे धुंआ भी कम निकलता है और मापक डेसिबल में उनकी आवाज भी कम ही होती है।

चिकित्सकों का कहना है कि पटाखों का शोरगुल और प्रदूषण सभी के लिए नुकसानदायक होता है। अधिक रोशनी और शोरगुल वाले पटाखों के कारण लोगों की आंखों में अंधता और कानों में बहरापन आ सकता है। ऐसे में अगर ऐसे पटाखे हैं तो ये सेहत के लिए कम नुकसानदायक होंगे।

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