Dhanteras 2024: अगर चाहते हैं फिट और स्मार्ट बनना तो जरूर करें आज 'धन्वंतरि चालीसा'
Dhanvantari Chalisa: धनतरेस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धन्वंतरि देवता को हिन्दू धर्म में आयुर्वेद के जनक और स्वास्थ्य एवं आरोग्य के देवता माना जाता है।
वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं, जो अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे।उनकी उपासना से न केवल रोगों से मुक्ति मिलती है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है।

धनतेरस के दिन विशेष रूप से उनकी पूजा की जाती है, और उन्हें प्रसन्न करने के लिए धन्वंतरि चालीसा और आरती का पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।
धन्वंतरि चालीसा (Dhanvantari Chalisa)
- जय धन्वंतरि देव, जगत के स्वामी।
- रोग हरो सब, हो सुखधामी॥
- आयुर्वेद के जनक कहलाते।
- अमृत कलश संग जग में आते॥
- रोग मिटाओ, जग के पालन।
- तुम बिन नहीं कोई और समाधान॥
- विष्णु के अवतार, महिमामयी।
- स्वस्थ जीवन के वरदायी॥
- अमरत्व का वरदान दिलाते।
- जीवन की राह सरल बनाते॥
- रोग दोष सब होय समाप्त।
- धन्वंतरि चालीसा कर लो जाप॥
धन्वंतरि आरती (Dhanvantari Aarti)
- ॐ जय धन्वंतरि मुनि देव,
- जय विष्णु के अवतार।
- रोग मिटाओ जग से,
- तुम ही हो सबके आधार॥
- सुख-समृद्धि के दाता तुम,
- जीवन संजीवनी तुम।
- अमृत कलश तुम लाए,
- सबको निरोगी बनाए॥
- आरती तुम्हारी गाएं,
- रोग-बाधा सब जाए।
- जय-जय धन्वंतरि महाराज,
- भक्तों का तुम रखो लाज॥
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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