Dev Uthani Ekadashi 2023: आया मौसम शादियों का... ये हैं विवाह के श्रेष्ठ 14 मुहूर्त
shadi Muhurrat: कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव प्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी और देव उठनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन चातुर्मास का समापन होता है और श्रीहरि विष्णु चार मास की योगनिद्रा से जागकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।

इस बार चूंकि श्रावण अधिकमास था तो चातुर्मास चार की जगह पांच मास का था। इस प्रकार 148 दिनों की योगनिद्रा के बाद 23 नवंबर 2023 गुरुवार को देवोत्थान एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में थाली, शंख, घंटे-घड़ियाल की मंगल ध्वनि से श्रीहरि को योगनिद्रा से जगाया जाएगा। इसके साथ ही मांगलिक कार्य विवाह आदि प्रारंभ हो जाएंगे।
मांगलिक आयोजनों का श्री गणेश
श्रीहरि विष्णु जागकर पुन: सृष्टि का कार्यभार संभालेंगे और मांगलिक आयोजनों का श्री गणेश हो जाएगा। देशभर के मंदिरों में अनेक धार्मिक अनुष्ठान होंगे और विभिन्न स्थानों पर तुलसी-शालिग्राम विवाह भी होंगे।
अबूझ मुहूर्त में से एक देवउठनी एकादशी
वर्ष में साढ़े तीन अबूझ मुहूर्त होते हैं जिनमें मांगलिक कार्य करने के लिए पंचांग शुद्धि देखने की आवश्यकता नहीं रहती, उन्हीं में से एक देवउठनी एकादशी भी है। इस दिन व्रत, उपवास किया जाएगा और श्रीहरि का पूजन किया जाएगा। इस दिन एकादशी व्रत करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष के विवाह के मुहूर्त
देवउठनी एकादशी से विवाह प्रारंभ हो जाते हैं। इस वर्ष के शेष दो महीने में विवाह के श्रेष्ठ 14 मुहूर्त हैं। इस महीने अर्थात् नवंबर में विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त 23, 24, 27, 28 और 29 हैं। इसी प्रकार दिसंबर माह में 3, 4, 5, 6, 7, 9, 13, 14 और 15 तारीख को विवाह किए जा सकते हैं।
एकादशी कब से कब तक
- एकादशी प्रारंभ : 22 नवंबर रात्रि 11:03 बजे से
- एकादशी पूर्ण : 23 नवंबर रात्रि 9:01 बजे
- व्रत का पारण : 24 नवंबर प्रात: 6:45 से 8:56












Click it and Unblock the Notifications