Choti Diwali 2023 Muhurat: आज है छोटी दिवाली, जानिये पूजा का शुभ मुहूर्त व महत्व
Choti Diwali Kab Hai: दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। जिसे कि नरक चतुर्दशी और काली चतुर्दशी भी कहते हैं। कहते हैं इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस को मारा था इसलिए इसे नरक चतुर्दशी के नाम से पुकारा जाता है।

भगवान कृष्ण ने नरकासुर को मारकर 16 हजार महिलाओं को उसके बंधन से मुक्त किया था इसलिए इस दिन दीए जलाकर सेलिब्रेट किया जाता है।
शनिवार को है चतुर्दशी तिथि
दरअसल इस बार 11 नवंबर यानी कि शनिवार को चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो रही है जो कि 12 नवंबर यानी कि रविवार को 2 बजकर 45 मिनट पर खत्म हो रही है और उदयातिथि की वजह से छोटी दिवाली 11 नवंबर को मनाई जाएगी। आपको बता दें कि इस दिन हनुमान जंयती भी मनाई जाती है और इस दिन मां काली की भी पूजा होती है इसलिए इसे काली चौदस भी बोलते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
नरक चौदस को दीपदान और पूजा का शुभ समय 11 नवंबर को 05:40 PM से 07:36 PM तक है।
घर के सारे संकट मिट जाते हैं...
हनुमान जी और काली मां की पूजा करने से घर के सारे संकट मिट जाते हैं और अकाल मृत्यु का भय भी मिट जाता है। इस दिन यम के नाम पर एक दीपक जलाया जाता है, मानते हैं कि ऐसा करने से घर-परिवार की हर समस्या खत्म हो जाती है।
श्री कृष्ण जी की आरती
- आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
- श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
- गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
- लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
- चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की...॥
- कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
- गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
- अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
- ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
- स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
- जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
- श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
- चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
- हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
- टेर सुन दीन दुखारी की
- श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
- ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- आरती कुंजबिहारी की
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- आरती कुंजबिहारी की
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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